मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सभी प्रमुख दल और उनके नेता चुनावी मैदान में सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष अजित पवार ने पुणे महानगरपालिका चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है।
पुणे में पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करते हुए अजित पवार ने साफ किया कि राज्य सरकार में महायुति का हिस्सा होने के बावजूद एनसीपी ने इस बार पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सामान्य नहीं, बल्कि कई मायनों में अलग है।
जनसभा को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन के 35 वर्षों में उन्होंने कई चुनाव देखे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थिति कुछ अलग है। उन्होंने बताया कि केंद्र में एनडीए की सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और वे खुद मिलकर सरकार चला रहे हैं। इसके बावजूद पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में राजनीतिक समीकरण अलग दिखाई दे रहे हैं, जिससे आम मतदाता के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।
पुणे में महायुति से अलग राह अपनाने पर अजित पवार ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले भी ऐसी परिस्थितियां रह चुकी हैं, जब केंद्र और राज्य में एक गठबंधन की सरकार थी, लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग दलों ने स्वतंत्र रूप से लड़े थे। उस दौर में भी नगर निगम चुनावों में स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी जाती थी।
उन्होंने आगे कहा कि आज भी केंद्र और राज्य सरकारें महाराष्ट्र के विकास के लिए भरपूर संसाधन उपलब्ध करा रही हैं और किसी भी विकास योजना में धन की कमी नहीं है। लेकिन सवाल यह है कि जिन नगर निगमों में वर्षों से एक ही नेतृत्व बना हुआ है, वहां प्रशासन और विकास की स्थिति कैसी है। अजित पवार के अनुसार, स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली के लिए केंद्र या राज्य सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, बल्कि इसका आकलन स्थानीय नेतृत्व के प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए।
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अजित पवार के इस बयान को बीएमसी और अन्य नगर निगम चुनावों से पहले एक अहम राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे यह साफ है कि स्थानीय चुनावों में गठबंधन से ज्यादा मुद्दों और प्रदर्शन को महत्व दिया जाएगा।









