भोजपुरी सुपरस्टार और चर्चित नेता पवन सिंह के साथ विवादों के चलते चर्चा में आईं उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने अब एक बड़ा राजनीतिक कदम उठा लिया है। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में काराकाट विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वह बीते कुछ समय से राजनीतिक दलों के नेताओं से संपर्क में थीं।
राजनीतिक दलों से संपर्क के बावजूद नहीं बनी बात
हाल ही में ज्योति सिंह की जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में कयासों का बाजार गर्म कर दिया था। माना जा रहा था कि वह जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, बाद में प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी ज्योति सिंह से कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई थी और मुलाकात पूरी तरह व्यक्तिगत कारणों से थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर किसी ने ज्योति सिंह पर दबाव बनाया या उन्हें डराने की कोशिश की, तो जन सुराज उनकी मदद करेगा।
इसके पहले ज्योति सिंह की राजद (RJD) नेताओं से भी मुलाकात की खबरें आई थीं। कहा जा रहा था कि सीट को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा न निकलने के कारण ज्योति सिंह ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का रास्ता चुना।
पहले से सक्रिय थीं क्षेत्र में
गौरतलब है कि ज्योति सिंह पिछले कुछ महीनों से काराकाट क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रही हैं। अगस्त 2025 में उन्होंने काराकाट, डिहरी और नबीनगर विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया था। उनका मुख्य फोकस काराकाट सीट पर रहा है, जो राजपूत बहुल क्षेत्र माना जाता है। स्थानीय जनता के बीच उनकी सक्रियता और सामाजिक मुद्दों को लेकर बातचीत ने उन्हें एक संभावित उम्मीदवार के रूप में उभारा।
क्या कहती हैं ज्योति सिंह?
पवन सिंह के साथ चल रहे विवाद के चलते सुर्खियों में रहीं ज्योति सिंह ने पहले भी सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वह अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रही हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर से मुलाकात के दौरान यह भी कहा था कि वह चाहती हैं कि किसी अन्य महिला को वैसा न झेलना पड़े जैसा उन्होंने झेला है। उनका यह बयान न सिर्फ व्यक्तिगत पीड़ा को दर्शाता है बल्कि एक मजबूत सामाजिक संदेश भी देता है।
चुनावी जंग में नया मोड़
अब जब उन्होंने खुद को निर्दलीय प्रत्याशी घोषित कर दिया है, तो काराकाट सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। यह देखना बाकी है कि ज्योति सिंह को स्थानीय जनता का कितना समर्थन मिलता है और क्या वह अपने व्यक्तिगत संघर्ष को राजनीतिक सफलता में बदल पाती हैं।
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पवन सिंह से जुड़े विवाद से शुरू हुआ ज्योति सिंह का सफर अब बिहार की राजनीति में एक नई दिशा ले चुका है। काराकाट से उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब सिर्फ एक अभिनेता की पत्नी नहीं, बल्कि जनता की प्रतिनिधि बनने की आकांक्षा रखती हैं। आगामी चुनाव में उनकी रणनीति, जनसंपर्क और जनता का विश्वास ही तय करेगा कि वह कितनी दूर तक जा पाती हैं।








