इंडियनऑयल नई दिल्ली 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप्स में भारत ने सोमवार को ऐतिहासिक सफलता दर्ज की। पुरुषों की भाला फेंक F46 स्पर्धा में भारत के रिंकू हुड्डा ने स्वर्ण और सुंदर सिंह गुर्जर ने रजत पदक जीतकर देश का परचम बुलंद किया।
जब दो भारतीय बने शीर्ष दावेदार
जेवलिन थ्रो का यह फाइनल मुकाबला पूरी तरह से भारतीय खिलाड़ियों के नाम रहा। शुरुआत में सुंदर सिंह गुर्जर ने तीसरे प्रयास में 64.11 मीटर थ्रो कर चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाया, लेकिन इसके बाद रिंकू हुड्डा ने 66.37 मीटर के जबरदस्त थ्रो के साथ रिकॉर्ड भी तोड़ा और सोने का तमगा भी जीत लिया।

अजीत सिंह चूके, क्यूबा को कांस्य
पिछले विजेता अजीत सिंह, जिन्होंने 2023 में स्वर्ण जीता था, इस बार 61.77 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहे। क्यूबा के गुइलेर्मो वरोना गोंजालेज ने 53.34 मीटर थ्रो कर कांस्य पदक हासिल किया।
पदक तालिका में भारत छठे स्थान पर
इन उपलब्धियों के साथ भारत ने अब तक 2 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर छठा स्थान हासिल किया है। चीन (4 स्वर्ण, 7 रजत, 3 कांस्य) और ब्राज़ील (4 स्वर्ण, 7 रजत, 2 कांस्य) क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं।
भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता
27 सितंबर से 5 अक्टूबर तक चल रही यह चैंपियनशिप 104 देशों के 1000 से अधिक पैरा-एथलीटों को एक साथ ला रही है। कुल 186 पदक स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। यह प्रतियोगिता लॉस एंजेल्स 2028 पैरालिंपिक के लिए क्वालीफायर भी है।
खास झलकियाँ:
रिंकू हुड्डा का 66.37 मीटर का थ्रो – नया चैंपियनशिप रिकॉर्ड
भारत को एक ही स्पर्धा में स्वर्ण और रजत
घरेलू दर्शकों का ज़बरदस्त समर्थन
अजीत सिंह का चौथा स्थान
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रिंकू और सुंदर की जोड़ी ने भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। यह प्रदर्शन देश की पैरा एथलेटिक्स में बढ़ती ताकत और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाता है।









