उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को लेकर कई बड़े फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में श्रमिकों, युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित रोजगार और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसी कड़ी में सरकार ने ‘बाल श्रमिक विद्या योजना’ को अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने का फैसला किया है।
सभी जिलों में लागू होगी बाल श्रमिक विद्या योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण पढ़ाई से वंचित नहीं रहना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बाल श्रम प्रभावित इलाकों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत बनाया जाए।
वर्ष 2020 में शुरू की गई इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष तक के कामकाजी बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाकर आर्थिक सहायता दी जाती है। अभी तक यह योजना 20 जिलों में लागू थी, लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। सरकार निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास पर भी काम करेगी।
‘सेवामित्र व्यवस्था’ को मिलेगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को युवाओं के लिए रोजगार का नया मॉडल बताया। इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोग मोबाइल ऐप, वेबसाइट और कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
सरकार के अनुसार वर्तमान में इस पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54 हजार से अधिक कुशल कामगार पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी जरूरत के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था का इस्तेमाल बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
श्रमिकों के लिए बनेंगे आधुनिक सुविधा केंद्र
योगी आदित्यनाथ ने बड़े औद्योगिक शहरों में निर्माण श्रमिकों के लिए आधुनिक ‘लेबर अड्डे’ विकसित करने का निर्देश दिया है। इन केंद्रों को सिर्फ श्रमिकों के एकत्र होने की जगह नहीं बल्कि श्रमिक सहायता और सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरकार दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था पर भी काम करेगी।
कानपुर में बनेगा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान
बैठक में कानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास योजना पर भी चर्चा हुई। यहां 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा, जहां इलेक्ट्रिशियन, फिटर, प्लंबर, कारपेंटर और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन जैसे ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास भी तैयार किया जाएगा।
रोजगार मिशन से युवाओं को मिलेगा फायदा
सरकार ने रोजगार सृजन को अपनी प्राथमिकता बताते हुए ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के जरिए देश और विदेश में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम तेज किया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025-26 में आयोजित 3030 रोजगार मेलों और कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रमों के जरिए 3.74 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। वहीं 4873 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों में करीब 6.8 लाख युवाओं ने भाग लिया।
विदेशों में नौकरी के लिए भाषा प्रशिक्षण
बैठक में बताया गया कि जर्मनी, जापान और स्लोवाकिया जैसे देशों में रोजगार की संभावनाएं तलाश की गई हैं। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए तैयार करने हेतु जापानी, जर्मन और अंग्रेजी भाषा के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रोजगार संगम पोर्टल को एआई आधारित डिजिटल जॉब मैचिंग और ऑनलाइन काउंसलिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं से और मजबूत बनाया जाए।









