Tahawwur Rana: 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया है। उसने मुंबई क्राइम ब्रांच को बताया है कि वह पाकिस्तानी सेना का भरोसेमंद एजेंट था और उसने मुंबई में हमले से पहले टारगेट किए जाने वाले इलाकों की रेकी की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, राणा ने यह भी दावा किया कि वह हमलों के दौरान मुंबई में मौजूद था।
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने 4 अप्रैल को उसकी प्रत्यर्पण के खिलाफ पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद 10 अप्रैल को उसे भारत लाया गया। 64 वर्षीय तहव्वुर राणा पर अब 17 साल बाद मुकदमा चल रहा है। साल 2008 में हुए इन हमलों में 166 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से कई होटल ताज और मुंबई की सड़कों पर मारे गए थे।
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राणा ने बताया कि उसने हमलों से पहले मुंबई के कई इलाकों की रेकी (जासूसी) की थी और ताज होटल पर हमले के दौरान वह इलाके में मौजूद था।
उसने यह भी खुलासा किया कि उसे गल्फ वॉर के दौरान सऊदी अरब भेजा गया था और यह कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की शुरुआत एक जासूसी नेटवर्क के रूप में हुई थी। उसने दावा किया कि उसका साथी डेविड हेडली लश्कर के साथ मिलकर आतंकी प्रशिक्षण सत्र आयोजित करता था।
इस मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तहव्वुर राणा को आतंकी हमले की साजिश के तहत दोषी ठहराया है। उसके साथी डेविड हेडली, जो इस हमले का मुख्य साजिशकर्ता था, ने पाकिस्तान स्थित हाफिज सईद के कहने पर भारत में जाकर हमले की योजना और रेकी की थी।
NIA का कहना है कि राणा ने हेडली को भारत की यात्रा के लिए वीजा दिलाने और फर्जी पहचान बनाने में मदद की, जिससे वह हमले की योजना को अंजाम दे सका।
तहव्वुर राणा पर आपराधिक साजिश, भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना, हत्या, जालसाजी और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया गया है।









