उत्तराखंड पंचायत चुनाव की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। हरिद्वार जिले को छोड़कर प्रदेश के बाकी 12 जिलों में चुनावी कार्यक्रम की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग ने भी चुनावी अधिसूचना को अंतिम रूप देते हुए दो चरणों में मतदान कराने का ऐलान किया है।
दो चरणों में होगा मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पंचायत चुनाव 24 जुलाई और 28 जुलाई को दो चरणों में कराए जाएंगे। जबकि 31 जुलाई को सभी जिलों में एक साथ मतगणना होगी। चुनाव संबंधी अधिसूचना 30 जून को जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जारी की जाएगी। इससे पहले 21 जून को जारी की गई अधिसूचना को नैनीताल हाईकोर्ट के निर्देश के चलते स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब नया कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है।
66,418 पदों के लिए होगा चुनाव
राज्य के 12 जिलों में इस बार 66,418 पदों पर पंचायत चुनाव संपन्न होंगे। इनमें शामिल हैं:
- ग्राम पंचायत सदस्य – 55,587 पद
- ग्राम प्रधान – 7,499 पद
- क्षेत्र पंचायत सदस्य – 2,974 पद
- जिला पंचायत सदस्य – 358 पद
चुनाव 7499 ग्राम पंचायतों और 89 विकासखंडों में कराए जाएंगे। इसके लिए 8,276 मतदान केंद्र और 10,529 मतदान स्थल बनाए गए हैं।
47 लाख से अधिक मतदाता डालेंगे वोट
चुनाव आयोग की जानकारी के अनुसार, इस बार चुनावों में कुल 47,77,072 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें
- 24,65,702 पुरुष
- 23,10,996 महिला
- 374 अन्य मतदाता शामिल हैं।
साल 2019 की तुलना में इस बार 10.57 प्रतिशत अधिक मतदाता पंजीकृत हुए हैं, यानी 4.56 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं।

मतपत्रों के रंग निर्धारित
इस बार मतदाताओं की सुविधा के लिए पदानुसार मतपत्रों के रंग निर्धारित किए गए हैं:
- ग्राम पंचायत सदस्य – सफेद
- ग्राम प्रधान – हरा
- क्षेत्र पंचायत सदस्य – नीला
- जिला पंचायत सदस्य – गुलाबी
95,000 से ज्यादा कर्मी चुनाव प्रक्रिया में होंगे तैनात
पंचायत चुनाव की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए 95,909 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसमें शामिल हैं:
- 11,849 पीठासीन अधिकारी
- 47,910 मतदान अधिकारी
- 450 सेक्टर/जोनल/नोडल अधिकारी
- 35,700 सुरक्षा कर्मी
इसके अलावा चुनावी कार्यों के लिए 5,620 वाहन लगाए जाएंगे, जिनमें 3,342 हल्के और 2,278 भारी वाहन होंगे। चुनाव की निगरानी के लिए 55 सामान्य प्रेक्षक और 12 आरक्षित प्रेक्षक, यानी कुल 67 पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
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उत्तराखंड में पंचायत चुनाव एक बड़ा लोकतांत्रिक पर्व है, जिसमें गांवों का नेतृत्व तय होता है। चुनाव आयोग की ओर से की जा रही तैयारियां यह संकेत देती हैं कि चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे। अब सभी की नजर 24 जुलाई और 28 जुलाई के मतदान और 31 जुलाई को होने वाली मतगणना पर टिकी हुई है।









