Arvind Kejriwal Nobel Prize: आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में इतनी समस्याओं के बीच काम करने के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने यह बात मंगलवार को मोहाली में पार्टी के वरिष्ठ नेता जैस्मीन शाह द्वारा लिखी गई किताब ‘केजरीवाल मॉडल’ के पंजाबी संस्करण के विमोचन के दौरान कही।
केजरीवाल ने हिंदी में कहा, ‘दिल्ली में जब तक हमारी सरकार रही, हर कदम पर रोड़े अटकाए गए, लेकिन हमने काम करना नहीं छोड़ा। इसलिए मुझे लगता है कि गवर्नेंस और एडमिनिस्ट्रेशन के लिए मुझे नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए, क्योंकि मैंने एल-जी और तमाम अड़चनों के बावजूद इतना काम किया।’
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बीजेपी पर भी किया हमला
केजरीवाल ने बीजेपी पर भी निशाना साधा, जिसने इस साल की शुरुआत में हुए दिल्ली चुनाव में AAP को हराया और उसका दस साल पुराना शासन खत्म कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘बीजेपी खुद तो कुछ करना नहीं चाहती, और दूसरों को भी काम नहीं करने देना चाहती।’
राजनीति में बदलाव का उद्देश्य
सूचना के अधिकार (RTI) पर कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर चुके मेगसेसे पुरस्कार विजेता केजरीवाल ने कहा कि, राजनीति में आने का उनका मकसद केवल यह साबित करना था कि सरकारी स्कूल और अस्पताल भी बेहतरीन बन सकते हैं। मुझे हर चुनाव जीतने की कोई बेताबी नहीं थी। मेरा काम एक मॉडल बनाना था… और हमने वो करके दिखाया।’
पंजाब पर ध्यान केंद्रित
केजरीवाल इन दिनों पंजाब पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जहां 2022 से सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में AAP की सरकार बड़े बहुमत से सत्ता में है। वहीं दिल्ली में उनकी जगह बीजेपी की रेखा गुप्ता ने ली है, जो लगातार AAP पर आरोप लगाती रही हैं कि ‘पार्टी केवल झूठा मॉडल दिखा रही है, जबकि वास्तव में ईमानदारी से कोई काम नहीं कर रही।’









