भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने देशभर में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखते हुए एक व्यापक जनजागरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं, पेपर लीक की घटनाएं, बढ़ती बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं।
कांग्रेस नेतृत्व के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाना और शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जनसमर्थन जुटाना है।
कई राज्यों में होंगे बड़े छात्र सम्मेलन
अभियान के पहले चरण के तहत लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी देश के विभिन्न शहरों में आयोजित छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रमों में राजस्थान के कोटा (17 जून), उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) (10 जुलाई), बिहार की राजधानी पटना (11 जुलाई) और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (14 जुलाई) शामिल हैं।
इन सम्मेलनों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र, विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी, युवा संगठन, शिक्षाविद और परीक्षा संबंधी विवादों से प्रभावित अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।
शिक्षा और भर्ती व्यवस्था पर फोकस
कांग्रेस का दावा है कि बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक मामलों, भर्ती परीक्षाओं में देरी और बढ़ती परीक्षा फीस ने लाखों युवाओं को प्रभावित किया है। पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली की मांग कर रही है।
अभियान के दौरान छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग केंद्रों और विभिन्न युवा मंचों पर संपर्क कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से भी युवाओं तक पहुंच बनाने की रणनीति तैयार की गई है।
प्रभावित छात्रों को मिलेगा अपनी बात रखने का मंच
कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि इस पहल के माध्यम से उन छात्रों और अभ्यर्थियों को अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर मिलेगा, जो परीक्षा रद्द होने, पेपर लीक या भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के कारण प्रभावित हुए हैं।
पार्टी का उद्देश्य युवाओं के अनुभवों को सामने लाकर जवाबदेही तय करने और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को मजबूत करना है।
प्रमुख मांगें क्या हैं?
अभियान के दौरान कांग्रेस कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी, जिनमें शामिल हैं:
- राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सुधार और अधिक पारदर्शिता।
- पेपर लीक मामलों में शामिल नेटवर्क और दोषियों पर सख्त कार्रवाई।
- छात्रों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए परीक्षा शुल्क संबंधी सुधार।
- भर्ती और प्रवेश प्रक्रियाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा।
संसद से सड़क तक उठेगा मुद्दा
कांग्रेस का कहना है कि युवाओं से जुड़े इन विषयों को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय महत्व का विषय माना जाना चाहिए। पार्टी संसद में भी शिक्षा, भर्ती और परीक्षा प्रणाली से जुड़े प्रश्नों पर व्यापक बहस की मांग करने की तैयारी कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख एजेंडे में शामिल रह सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस का यह अभियान देशभर के छात्रों और युवा मतदाताओं के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन सकता है।
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परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, रोजगार के अवसर और युवाओं के भविष्य को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की है। आगामी छात्र सम्मेलनों के माध्यम से पार्टी युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने और शिक्षा एवं भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की मांग को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास करेगी।









