• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Wednesday, June 17, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home भारत

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की इस बात को राहुल गांधी संसद में रखना चाहते थें

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब Four Stars of Destiny का एक हिस्सा नेता विपक्ष राहुल गांधी संसद में उद्धृत करना चाहते थे।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
2 February 2026
in भारत
0
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ की इस बात को राहुल गांधी संसद में रखना चाहते थें - Panchayati Times

राहुल गांधी

Share on FacebookShare on Twitter

पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब Four Stars of Destiny का एक हिस्सा इन दिनों राजनीतिक बहस के केंद्र में है। नेता विपक्ष राहुल गांधी इसी किताब के एक संवेदनशील अंश को संसद में उद्धृत करना चाहते थे। सवाल उठ रहा है कि आखिर इस किताब में ऐसा क्या लिखा है, जिससे सरकार असहज नजर आ रही है?

यह पूरा मामला अगस्त 2020 में पूर्वी लद्दाख के रेचिन ला इलाके से जुड़ा है, जब भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर था।

31 अगस्त 2020 की वह तनावपूर्ण रात

किताब के अनुसार, 31 अगस्त 2020 की रात करीब 8:15 बजे भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी को एक बेहद गंभीर सूचना मिली। चार चीनी टैंक, पैदल सैनिकों के साथ, रेचिन ला की ओर तेजी से बढ़ रहे थे। यह वही इलाका था, जहां कुछ घंटे पहले ही भारतीय सेना ने रणनीतिक बढ़त हासिल की थी।

जोशी ने तुरंत आर्मी चीफ जनरल नरवणे को जानकारी दी। हालात इसलिए भी ज्यादा खतरनाक थे क्योंकि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के इस क्षेत्र में ऊंचाई का हर मीटर सैन्य प्रभुत्व तय करता है।

चेतावनी दी, लेकिन चीन नहीं रुका

भारतीय सैनिकों ने चेतावनी के तौर पर एक इल्यूमिनेटिंग राउंड दागा, लेकिन चीनी सेना पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। टैंक आगे बढ़ते रहे। इसके बाद जनरल नरवणे ने तत्काल राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व से संपर्क साधा—रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से लगातार बात की गई।

नरवणे किताब में लिखते हैं कि उन्होंने सभी से एक ही सवाल पूछा—“मेरे आदेश क्या हैं?”

आदेशों की कमी और बढ़ता खतरा

मौजूदा सैन्य प्रोटोकॉल के तहत बिना शीर्ष स्तर की अनुमति के फायरिंग नहीं की जा सकती थी। लेकिन समस्या यह थी कि ऊपर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं आ रहे थे। समय बीतता जा रहा था और चीनी टैंक लगातार नजदीक पहुंच रहे थे।

रात 9:10 बजे फिर सूचना मिली कि चीनी टैंक दर्रे से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर हैं। 9:25 बजे नरवणे ने एक बार फिर रक्षा मंत्री से स्पष्ट आदेश मांगे, लेकिन जवाब नहीं मिला।

PLA का प्रस्ताव और बढ़ता दबाव

इसी बीच चीनी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से संदेश आया, जिसमें दोनों पक्षों से आगे न बढ़ने और अगले दिन बातचीत का प्रस्ताव रखा गया। यह एक संभावित समाधान लग रहा था। नरवणे ने यह जानकारी भी शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई।

लेकिन थोड़ी देर बाद खबर आई कि चीनी टैंक रुके नहीं हैं और अब वे महज 500 मीटर दूर रह गए हैं। नॉर्दर्न कमांड का आकलन था कि उन्हें रोकने का एकमात्र तरीका भारतीय आर्टिलरी फायरिंग हो सकता है, जो पूरी तरह तैयार थी और आदेश का इंतजार कर रही थी।

‘फैसले का बोझ मेरे कंधों पर’

नरवणे लिखते हैं कि पाकिस्तान के साथ एलओसी पर ऐसी फायरिंग आम बात थी, लेकिन चीन के साथ हालात बेहद नाजुक थे। आर्टिलरी फायरिंग सीधे बड़े सैन्य टकराव में बदल सकती थी।

करीब रात 10:30 बजे रक्षा मंत्री का फोन आया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हो चुकी है और संदेश साफ था—“जो आपको उचित लगे, वह करें।”

किताब में नरवणे इसे पूरी तरह सैन्य फैसला बताते हैं, लेकिन साथ ही यह भी लिखते हैं कि अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं पर छोड़ दी गई थी। उनके शब्दों में, “मुझे एक गर्म आलू पकड़ा दिया गया था और अब सारी जिम्मेदारी मेरी थी।”

राजनीतिक विवाद की जड़

यही वह हिस्सा है, जिसे राहुल गांधी संसद में उठाना चाहते थे। विपक्ष का सवाल है कि इतने गंभीर हालात में राजनीतिक नेतृत्व ने स्पष्ट निर्देश क्यों नहीं दिए, जबकि सरकार का रुख अलग बताया जा रहा है।

यह भी पढ़ें: Gold-Silver Crash: सोने-चांदी में हुई ऐतिहासिक गिरावट

Four Stars of Destiny का यह अंश सिर्फ एक सैन्य घटना का वर्णन नहीं करता, बल्कि भारत-चीन तनाव के दौरान लिए गए फैसलों और जिम्मेदारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यही वजह है कि यह किताब और इसका यह हिस्सा अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है।

Tags: Four Stars of Destinyजनरल मनोज मुकुंद नरवणेराहुल गांधीसंसद
Previous Post

Gold-Silver Crash: सोने-चांदी में हुई ऐतिहासिक गिरावट

Next Post

मुंबई को पहली बार बीजेपी की मेयर, रितु तावड़े बनेंगी BMC की नई महापौर

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

अब हर कोई नहीं खरीद पाएगा कफ सिरप, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला - Panchayati Times
भारत

अब हर कोई नहीं खरीद पाएगा कफ सिरप, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

16 June 2026
Army Chief: लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के अगले प्रमुख - Panchayati Times
भारत

Army Chief: लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के अगले प्रमुख 

13 June 2026
असम के जोरहाट में वायुसेना के AN-32 विमान क्रैश में पांच जवान शहीद - Panchayati Times
भारत

असम के जोरहाट में वायुसेना के AN-32 विमान क्रैश में पांच जवान शहीद

13 June 2026
पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान, राहुल गांधी करेंगे छात्र सम्मेलनों को संबोधित - Panchayati Times
भारत

पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान, राहुल गांधी करेंगे छात्र सम्मेलनों को संबोधित

13 June 2026
असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का AN-32 एयरक्राफ्ट हुआ क्रैश - Panchayati Times
भारत

असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का AN-32 एयरक्राफ्ट हुआ क्रैश

13 June 2026
भू-राजनीतिक विश्लेषक ब्रह्मा चेलानी ने भारतीय नाविकों की मौत पर उठाए सवाल - Panchayati Times
दुनिया

भू-राजनीतिक विश्लेषक ब्रह्मा चेलानी ने भारतीय नाविकों की मौत पर उठाए सवाल 

12 June 2026
Next Post
रितु तावड़े बनेंगी BMC की मेयर, पहली बार होगी बीजेपी की मेयर - Panchayati Times

मुंबई को पहली बार बीजेपी की मेयर, रितु तावड़े बनेंगी BMC की नई महापौर

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (38)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (222)
  • खेल (549)
  • जुर्म (325)
  • दुनिया (340)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (136)
  • पंचायत (294)
  • बिज़नेस (266)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,698)
  • मनोरंजन (297)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,079)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (167)
  • स्वास्थ्य (100)

Recent News

साइबर ठगी के खिलाफ गांव में आयोजित हुई ‘साइबर पंचायत’ - Panchayati Times

साइबर ठगी के खिलाफ गांव में आयोजित हुई ‘साइबर पंचायत’

17 June 2026
टीवी अभिनेत्री संचिता उगाले की मौत पर पिता का बड़ा खुलासा, बोले- ‘वो लगातार मानसिक दबाव में थीं’ - Panchayati Times

टीवी अभिनेत्री संचिता उगाले की मौत पर पिता का बड़ा खुलासा, बोले- ‘वो लगातार मानसिक दबाव में थीं’

17 June 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved