भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि उनका टैक्स रिकॉर्ड है। मैदान पर अपनी कप्तानी और हेलीकॉप्टर शॉट के लिए मशहूर धोनी अब झारखंड और बिहार के सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता के रूप में सुर्खियां बटोर रहे हैं।
आयकर विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार, धोनी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए करीब 38 करोड़ रुपये का एडवांस टैक्स जमा किया है। यह लगातार दूसरा साल है जब उन्होंने इतनी बड़ी टैक्स राशि चुकाकर क्षेत्र के सबसे बड़े इंडिविजुअल टैक्सपेयर का स्थान बनाए रखा है।
क्रिकेट से दूर, लेकिन कमाई में नहीं कोई कमी
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी धोनी की कमाई में कोई खास कमी नहीं आई है। इसकी बड़ी वजह उनकी मजबूत ब्रांड वैल्यू, बिजनेस निवेश और विज्ञापन जगत में लगातार मौजूदगी मानी जा रही है।
धोनी अभी भी आईपीएल में CSK से जुड़े हुए हैं और उनकी लोकप्रियता ब्रांड्स के बीच लगातार बनी हुई है। कई बड़ी कंपनियां उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाए हुए हैं, जिससे उनकी आय का बड़ा हिस्सा आता है।
बिजनेस की दुनिया में भी मजबूत पकड़
क्रिकेट के अलावा धोनी ने बिजनेस सेक्टर में भी मजबूत पहचान बनाई है। रांची में उनका ऑर्गेनिक फार्म हाउस काफी चर्चित है। इसके साथ ही फिटनेस चेन ‘स्पोर्ट्सफिट’ और लाइफस्टाइल ब्रांड ‘सेवन’ जैसे कारोबार भी उनकी कमाई का अहम हिस्सा हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि धोनी ने खेल से मिली लोकप्रियता को सफल बिजनेस मॉडल में बदल दिया है। यही वजह है कि क्रिकेट से दूरी के बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत बनी हुई है।
युवाओं के लिए मिसाल
धोनी का यह रिकॉर्ड सिर्फ कमाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जिम्मेदार नागरिक होने का संदेश भी देता है। समय पर टैक्स चुकाना और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देना उनकी प्रोफेशनल सोच को दिखाता है।
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खेल जगत में अक्सर खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के लिए चर्चा में रहते हैं, लेकिन धोनी ने यह साबित किया है कि मैदान के बाहर भी अनुशासन और जिम्मेदारी उतनी ही जरूरी है। यही कारण है कि उनके फैंस उन्हें सिर्फ एक सफल कप्तान ही नहीं, बल्कि प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में भी देखते हैं।









