तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। AIADMK के भीतर चल रही अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी दो गुटों में बंटती नजर आ रही है और इसी बीच AIADMK के एक धड़े ने मुख्यमंत्री विजय की TVK सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।
फ्लोर टेस्ट से पहले बदले सियासी समीकरण
13 मई को प्रस्तावित फ्लोर टेस्ट से पहले AIADMK नेता सीवी शनमुगम ने विजय सरकार के समर्थन की घोषणा की। उनके साथ पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता वेलुमणि भी नजर आए।
बताया जा रहा है कि AIADMK का यह गुट जल्द ही मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात कर औपचारिक समर्थन पत्र सौंप सकता है।
DMK से गठबंधन के खिलाफ बगावत
शनमुगम ने कहा कि पार्टी के भीतर DMK के साथ गठबंधन की चर्चा चल रही थी, जिसका कई नेताओं ने विरोध किया।
उन्होंने कहा कि AIADMK की स्थापना ही DMK के विरोध के लिए हुई थी और पिछले कई दशकों से पार्टी की राजनीति इसी आधार पर खड़ी रही है। ऐसे में DMK के साथ हाथ मिलाना पार्टी की पहचान और अस्तित्व दोनों के लिए खतरा होता।
शनमुगम ने साफ कहा कि अधिकतर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद उन्होंने TVK को समर्थन देने का फैसला लिया।
विजय को बताया जनता की पसंद
AIADMK नेता ने कहा कि जनता का जनादेश केवल TVK के लिए नहीं, बल्कि विजय को मुख्यमंत्री बनाने के लिए था। उन्होंने विजय को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में स्थिर सरकार के लिए उनका गुट TVK का समर्थन करेगा।
महापरिषद की बैठक बुलाने की मांग
इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच AIADMK विधायक वेलुमणि ने पार्टी की महापरिषद की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर और बड़ा संघर्ष देखने को मिल सकता है।
तमिलनाडु विधानसभा का गणित
हालिया विधानसभा चुनाव में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, हालांकि बहुमत के आंकड़े से कुछ सीट पीछे रह गई। विजय ने दो सीटों से जीत दर्ज की है, जिसके बाद एक सीट छोड़ने पर पार्टी की संख्या 107 रह जाएगी।
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TVK को कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML जैसे दलों का समर्थन मिला हुआ है। इन सहयोगी दलों को मिलाकर गठबंधन की कुल संख्या 120 तक पहुंच गई है।
वहीं विपक्ष में DMK को 59 सीटें और AIADMK को 47 सीटें मिली हैं। बीजेपी राज्य में केवल एक सीट जीत सकी।









