केरलम की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रहा मुख्यमंत्री पद का सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की जीत के बाद पार्टी ने वीडी सतीशन को राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी चर्चा के बाद सतीशन के नाम को अंतिम मंजूरी दी।
10 दिन बाद खत्म हुआ सस्पेंस
केरलम विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आए थे, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर लगातार मंथन चल रहा था। करीब 10 दिनों तक चली बैठकों और नेताओं से रायशुमारी के बाद आखिरकार पार्टी नेतृत्व ने वीडी सतीशन पर भरोसा जताया।
राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के भीतर शक्ति संतुलन के बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद केसी वेणुगोपाल की दावेदारी कमजोर पड़ गई।
खड़गे, राहुल और वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक
मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लेने से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने कई दौर की बैठकों का आयोजन किया।
खड़गे के साथ हुई चर्चा में दीपा दासमुंशी और दो वरिष्ठ पर्यवेक्षक- अजय माकन और मुकुल वासनिक भी मौजूद रहे। इन नेताओं ने हाल ही में नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात कर उनकी राय जानी थी।
इसके अलावा राहुल गांधी ने भी बुधवार शाम खड़गे से मुलाकात कर मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा की थी।
UDF को मिला स्पष्ट बहुमत
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 102 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ राज्य में कांग्रेस गठबंधन की सत्ता में वापसी तय हो गई।
अब जल्द ही केरल कांग्रेस विधायक दल की बैठक में औपचारिक रूप से वीडी सतीशन को नेता चुना जाएगा, जिसके बाद वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वीडी सतीशन के नेतृत्व में कांग्रेस राज्य में नई रणनीति और प्रशासनिक बदलावों के साथ आगे बढ़ने की कोशिश करेगी।









