होर्मुज स्ट्रेट में ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले को लेकर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस घटना की तीखी निंदा करते हुए कहा कि व्यावसायिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है.
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालने वाले ऐसे हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा कि ओमान तट के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला बेहद चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
उन्होंने ओमान प्रशासन का धन्यवाद भी किया, जिसने समय रहते कार्रवाई करते हुए जहाज पर मौजूद भारतीय चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाला.
होर्मुज स्ट्रेट में हादसे का शिकार हुआ ‘हाजी अली’ जहाज
जानकारी के मुताबिक, गुजरात से जुड़े ‘हाजी अली’ नामक मालवाहक जहाज पर बुधवार सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र में हमला हुआ. जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था, तभी किसी ड्रोन या मिसाइल जैसी वस्तु के टकराने से उसमें आग लग गई. घटना के बाद जहाज समुद्र में डूब गया.
बताया जा रहा है कि यह जहाज बेरबेरा पोर्ट से शारजाह की ओर जा रहा था. सुबह करीब साढ़े तीन बजे हुए इस हादसे के बाद चालक दल ने विस्फोट जैसी आवाज सुनी और देखते ही देखते जहाज में आग फैल गई. हालात बिगड़ने पर सभी 14 क्रू मेंबर्स ने लाइफ बोट की मदद से जहाज छोड़ा.
ओमान कोस्टगार्ड ने बचाई भारतीयों की जान
हादसे के तुरंत बाद ओमान कोस्टगार्ड और स्थानीय बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं. सभी 14 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और उनकी हरसंभव सहायता की जा रही है.
इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के इलाकों में जहाजों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
समुद्री सुरक्षा पर भारत की चिंता बढ़ी
भारत ने दोहराया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि निर्दोष नागरिकों और समुद्री कर्मचारियों को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई से बचा जाना चाहिए.
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विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अब समुद्री व्यापार पर भी साफ दिखाई देने लगा है. भारत जैसे देशों के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि बड़ी मात्रा में तेल और व्यापारिक सामान इन्हीं समुद्री मार्गों से होकर गुजरता है.









