संसद के मॉनसून सत्र चल रहा है। जहां पक्ष-विपक्ष में वार प्रहार का माहौल चल रहा है। जहां एक ओर सरकार अपने विकास के कार्यों के बखान में लगी है वहीं, दूसरी ओर विपक्ष भी सरकार को आड़े हाथों ले रही है।
इसी क्रम में आज लोकसभा में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक, बजट और टैक्स के जुड़े कई मामलों पर सरकार का घेरा।
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राहुल गांधी ने कहा, ‘भारत में डर का माहौल है और यह डर हमारे देश के हर पहलू में व्याप्त है। हजारों साल पहले कुरूक्षेत्र में 6 लोगों ने अभिमन्यु को ‘चक्रव्यूह’ में फंसा कर मारा था…मैंने थोड़ा रिसर्च किया और पता चला कि ‘चक्रव्यूह’ का दूसरा नाम होता है ‘पद्मव्यूह’- जिसका अर्थ है ‘कमल निर्माण’। ‘चक्रव्यूह’ कमल के फूल के आकार का है। 21वीं सदी में एक नया ‘चक्रव्यूह’ रचा गया है- वो भी कमल के फूल के रूप में तैयार हुआ है। इसका चिन्ह प्रधानमंत्री अपने सीने पर लगाकर चलते हैं। अभिमन्यु के साथ जो किया गया, वह भारत के साथ किया जा रहा है – युवा, किसान, महिलाएं, छोटे और मध्यम व्यवसाय के साथ वही किया जा रहा है…आज भी ‘चक्रव्यूह’ के केंद्र में 6 लोग हैं…जैसे पहले 6 लोग कंट्रोल करते थे वैसे आज भी 6 लोग कंट्रोल कर रहे हैं -नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, अजीत डोभाल, अंबानी और अडानी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हस्तक्षेप के बाद राहुल गांधी ने कहा, “…अगर आप चाहते हैं तो मैं एनएसए, अंबानी और अडानी का नाम हटा देता हूं और सिर्फ 3 नाम लूंगा।’
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट सत्र से पहले वित्त मंत्रालय में आयोजित पारंपरिक हलवा समारोह का पोस्टर दिखाया। उन्होंने कहा, “इस फोटो में बजट का हलवा बांटा जा रहा है। मुझे इसमें एक भी ओबीसी, आदिवासी या दलित अधिकारी नहीं दिख रहा…20 अधिकारियों ने हिंदुस्तान का बजट तैयार किया…हिंदुस्तान का हलवा 20 लोगों ने बांटने का काम किया है।’