भुवनेश्वर के सत्य विहार क्षेत्र में शुक्रवार की रात एक नाइट क्लब में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग लगते ही इमारत से तेज धुआं निकलने लगा, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है और इसकी जांच की जा रही है।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास में स्थित एक फर्नीचर दुकान भी इसकी चपेट में आ गई। दुकान में लकड़ी और स्पॉन्ज जैसे ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने तेजी से बड़ा रूप ले लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, हवा का रुख बदलते ही घना धुआं पूरे बाजार में फैल गया, जिससे कई मिनटों तक दृश्यता बेहद कम हो गई और लोगों को अपने वाहनों व दुकानों के बाहर खड़ा होना मुश्किल हो गया।
सूचना मिलते ही दमकल की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। फायर ब्रिगेड ने आसपास की अन्य दुकानों और आवासीय हिस्सों तक आग फैलने से रोकने के लिए तेजी से कार्रवाई की। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
गोवा नाइट क्लब हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता
यह दुर्घटना उसी समय हुई है जब कुछ दिन पहले गोवा के एक बड़े नाइट क्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद ओडिशा अग्निशमन और आपातकालीन सेवा (OFES) ने 100 से अधिक सीटिंग क्षमता वाले सभी रेस्तरां और स्वतंत्र प्रतिष्ठानों का राज्यस्तरीय सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य कर दिया था।
गोवा हादसे के सिलसिले में नाइट क्लब के मालिक लूथरा ब्रदर्स को थाईलैंड में गिरफ्तार किया गया है और उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। दोनों भाइयों सौरभ और गौरव के पासपोर्ट भी रद्द कर दिए गए हैं।
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भुवनेश्वर की यह घटना एक बार फिर मनोरंजन स्थलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। जांच एजेंसियां आग के वास्तविक कारण का पता लगाने में जुटी हैं।









