पंजाब निकाय चुनाव के नतीजों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) और बीजेपी के बीच सियासी जुबानी जंग तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने चुनाव परिणामों को लेकर बीजेपी पर तंज कसते हुए उसे “ED पार्टी” बताया और दावा किया कि पंजाब में पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है।
संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि “7 सांसदों को तोड़ने के बाद भी पंजाब में ED पार्टी की जबरदस्त लहर है।” उन्होंने नगर निकाय चुनाव के शुरुआती नतीजों का हवाला देते हुए बीजेपी पर कटाक्ष किया।
संजय सिंह ने शेयर किए आंकड़े
AAP सांसद ने अपने पोस्ट में लिखा कि पंजाब के बैलेट पेपर से हुए निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी को बढ़त मिली है, जबकि बीजेपी कई जगह पिछड़ती दिखाई दी। उन्होंने शुरुआती परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि AAP को 34 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 3 और शिरोमणि अकाली दल को 6 सीटों पर सफलता मिली।
इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए “ED पार्टी” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पंजाब निकाय चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें?
पंजाब के 102 स्थानीय निकायों में हुए चुनावों की मतगणना के दौरान सामने आए आंकड़ों के मुताबिक कुल 1977 वार्डों में से 1735 के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं।
अब तक का चुनावी प्रदर्शन
- आम आदमी पार्टी (AAP) – 850 सीटें
- कांग्रेस – 342 सीटें
- शिरोमणि अकाली दल (SAD) – 165 सीटें
- भारतीय जनता पार्टी (BJP) – 131 सीटें
- बहुजन समाज पार्टी (BSP) – 6 सीटें
- अन्य – 241 सीटें
इन नतीजों को अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बेहद अहम माना जा रहा है।
सुबह 8 बजे शुरू हुई मतगणना
पंजाब में वोटों की गिनती शुक्रवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। राज्य में 26 मई को आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में करीब 63.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
इस बार स्थानीय निकाय चुनावों में कुल 7,554 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें से 80 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं।
हर मतगणना केंद्र पर कड़ी निगरानी
राज्य निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक काउंटिंग सेंटर पर दो माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं, जो सामान्य पर्यवेक्षकों की निगरानी में काम कर रहे हैं। मतगणना हॉल में केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई।
हालांकि चुनाव के दौरान विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए थे।
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विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब निकाय चुनावों के नतीजे राज्य की आगामी राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। आम आदमी पार्टी इन चुनावों को अपनी सरकार के प्रदर्शन पर जनता की मुहर के रूप में पेश कर रही है, जबकि विपक्ष इसे स्थानीय मुद्दों तक सीमित बता रहा है।









