पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद जहां बीजेपी इसे “नए बंगाल” की शुरुआत बता रही है, वहीं अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने शुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही राज्य में पहली बार बीजेपी सरकार के गठन का औपचारिक रास्ता साफ हो गया।
अभिषेक बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव परिणामों के बाद प्रेस बयान जारी कर चुनाव आयोग और सरकारी एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं से निष्पक्ष व्यवहार की उम्मीद थी, लेकिन चुनाव के दौरान कई घटनाओं ने पारदर्शिता को लेकर संदेह पैदा किया।
EVM और मतगणना प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
अभिषेक बनर्जी ने EVM की हैंडलिंग और मतगणना प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर कंट्रोल यूनिट्स के डेटा और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं।
टीएमसी नेता ने मांग की कि काउंटिंग सेंटरों की CCTV फुटेज सार्वजनिक की जाए और VVPAT पर्चियों की पारदर्शी तरीके से जांच कराई जाए ताकि चुनाव परिणामों को लेकर पैदा हुए संदेह दूर किए जा सकें।
चुनाव बाद हिंसा के आरोप
टीएमसी ने चुनाव के बाद राज्य में हिंसा और राजनीतिक हमलों का भी मुद्दा उठाया है। पार्टी का आरोप है कि कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों को धमकाया जा रहा है तथा कुछ इलाकों में पार्टी कार्यालयों को निशाना बनाया गया।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को अपनी राजनीतिक विचारधारा और सुरक्षा के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
ममता बनर्जी के नेतृत्व में संघर्ष जारी रखने का दावा
ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्ष की भूमिका निभाने की बात दोहराते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी।
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उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी भी समर्थक को धमकी या हिंसा का सामना करना पड़ता है तो पार्टी उसके साथ खड़ी रहेगी और हर संभव कानूनी कदम उठाएगी।









