Air india Emergency landing: रविवार 10 अगस्त, रात तिरुवनंतपुरम से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट को खराब मौसम और तकनीकी खराबी के कारण चेन्नई में आपात लैंडिंग करनी पड़ी।
इस विमान में सवार यात्रियों में चार सांसद केरल से थे। फ्लाइट तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 से रात 8:04 बजे रवाना हुई थी और करीब एक घंटे बाद इसे चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की ओर मोड़ दिया गया, यह जानकारी एक फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफ़ॉर्म से सामने आई।
लैंडिंग की अनुमति मिलने का इंतजार करते हुए विमान लगभग दो घंटे तक होल्डिंग पैटर्न (आसमान में चक्कर लगाने) में रहा। पहले प्रयास में लैंडिंग असफल रही, लेकिन दूसरी कोशिश में रात 10:39 बजे सुरक्षित लैंडिंग हो पाई।
कांग्रेस महासचिव और अलप्पुझा के सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यात्रियों की जान बाल-बाल बची। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से इस घटना की तुरंत जांच करने की अपील की।
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सांसद ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘एयर इंडिया फ्लाइट AI 2455, जो तिरुवनंतपुरम से दिल्ली जा रही थी और जिसमें मैं, कई सांसद और सैकड़ों यात्री सवार थे, आज त्रासदी के बेहद करीब आ गई। देरी से उड़ान भरने के बाद यह सफर भयावह हो गया। उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही हमें अभूतपूर्व टर्ब्युलेंस का सामना करना पड़ा। करीब एक घंटे बाद कैप्टन ने फ्लाइट सिग्नल में खराबी की जानकारी दी और विमान को चेन्नई मोड़ दिया।
लगभग दो घंटे तक हम हवाई अड्डे के ऊपर चक्कर लगाते रहे, लैंडिंग की अनुमति का इंतजार करते हुए। पहले प्रयास के दौरान एक दिल दहला देने वाला क्षण आया। बताया गया कि उसी रनवे पर एक और विमान मौजूद था। उस पल में कैप्टन के तुरंत ऊपर उठने के फैसले ने विमान में सवार हर यात्री की जान बचा ली। दूसरी कोशिश में सुरक्षित लैंडिंग हुई।’
उन्होंने आगे लिखा, ‘हम पायलट की सूझबूझ और किस्मत से बचे हैं। यात्री सुरक्षा किस्मत पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। मैं DGCA और MoCA से आग्रह करता हूं कि इस घटना की तत्काल जांच करें, जिम्मेदारी तय करें और सुनिश्चित करें कि ऐसी चूक दोबारा न हो।’
उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एयर इंडिया ने डायवर्जन की पुष्टि की, लेकिन किसी अन्य विमान से खतरे की बात से इनकार किया। एयरलाइन के बयान में कहा गया, ‘हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि चेन्नई डायवर्जन एक सावधानी के तौर पर किया गया था, क्योंकि तकनीकी खराबी की आशंका थी और मौसम भी खराब था। चेन्नई हवाई अड्डे पर पहले लैंडिंग प्रयास के दौरान ATC ने गो-अराउंड का निर्देश दिया था, न कि रनवे पर किसी अन्य विमान की मौजूदगी के कारण। हमारे पायलट ऐसे हालात से निपटने में प्रशिक्षित हैं और इस मामले में उन्होंने पूरी उड़ान के दौरान मानक प्रक्रियाओं का पालन किया। हम समझते हैं कि यह अनुभव अस्थिर करने वाला हो सकता है और डायवर्जन से हुई असुविधा के लिए खेद है। हालांकि, सुरक्षा हमेशा हमारी प्राथमिकता है।’
केरल की वेबसाइटों के मुताबिक, विमान में मौजूद अन्य सांसद कोडिकुन्निल सुरेश, अडूर प्रकाश और के. राधाकृष्णन थे।









