राजधानी दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) ने छोटे बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। निदेशालय ने एक नया सर्कुलर जारी करते हुए घोषणा की है कि कक्षा 5 तक के छात्रों की पढ़ाई अब हाइब्रिड मोड — यानी ऑनलाइन + ऑफलाइन — में कराई जाएगी।
यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और अगले निर्देश तक जारी रहेगा। बच्चों को हफ्ते के कुछ दिनों में स्कूल आना होगा, जबकि बाकी दिनों में कक्षाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होंगी।
सभी स्कूलों में लागू होगा आदेश
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी और मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों और माता-पिता को तुरंत सूचित करें और बच्चों की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आने दें।
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर गंभीर, लागू हुआ GRAP-3
दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने वायु प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए ग्रैप-III (Severe) चरण लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर में कई कड़े प्रदूषण-रोधी उपाय लागू किए जा रहे हैं, जिनमें निर्माण गतिविधियों पर रोक और डीजल वाहनों की निगरानी शामिल है।
AQI 423 पर पहुंचा, ‘गंभीर’ श्रेणी में हवा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार (11 नवंबर) को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 423 दर्ज किया गया, जो इस मौसम का सबसे खराब स्तर है। सोमवार को यह आंकड़ा 362 था, यानी हवा की स्थिति 24 घंटे में और बिगड़ गई।
दिवाली के बाद से नहीं सुधरी हवा
दिवाली के बाद से दिल्ली की हवा लगातार ‘खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच बनी हुई है। तापमान में गिरावट के साथ प्रदूषण का असर और बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10.2°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री कम है, जबकि अधिकतम तापमान लगभग 28°C रहने की संभावना जताई गई है।
सोमवार को दिल्ली में सीजन की पहली शीत लहर दर्ज की गई, जब आया नगर में तापमान 9.9°C तक पहुंच गया।
छोटे बच्चों की सेहत प्राथमिकता
दिल्ली सरकार का यह फैसला छोटे बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि प्रदूषित हवा में लंबे समय तक रहना बच्चों की सांस संबंधी बीमारियों और एलर्जी का खतरा बढ़ा सकता है। हाइब्रिड मोड में पढ़ाई से बच्चे घर की सुरक्षित वातावरण में भी शिक्षा जारी रख सकेंगे।
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दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण ने जहां आम लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल कर दिया है, वहीं सरकार ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक व्यावहारिक और एहतियाती कदम उठाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य की दृष्टि से पूरी तरह उचित है।









