सोने की कीमतों में लगातार हो रही तेजी ने जहां आम जनता की जेब पर असर डाला है, वहीं इसने गोल्ड लोन को एक आकर्षक विकल्प बना दिया है। निवेशकों के साथ-साथ आम लोग भी अब अपने गहने गिरवी रखकर वित्तीय जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि देश में गोल्ड लोन की मांग ने बीते कुछ महीनों में जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच कुल 97,079 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन लिया गया है, जो बीते वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है।
चार महीने में 85 हजार करोड़ का इजाफा
मार्च 2025 तक देश में गोल्ड लोन का कुल आंकड़ा 2.08 लाख करोड़ रुपये था। लेकिन सिर्फ चार महीनों में, यानी जुलाई तक यह आंकड़ा 2.94 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि केवल एक तिमाही में ही 85 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त गोल्ड लोन लिया गया है।
अगस्त 2025 में तो गोल्ड लोन में सालाना आधार पर 117.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई — जो एक रिकॉर्ड है।
क्यों बढ़ रही है गोल्ड लोन की डिमांड?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके पीछे दो प्रमुख कारण हैं — पहला, सोने की आसमान छूती कीमतें और दूसरा, गोल्ड लोन की आसान प्रक्रिया।
जैसे-जैसे सोने की कीमतें बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे लोगों को अपने सोने के आभूषणों के बदले ज्यादा लोन मिल रहा है। इसने गोल्ड लोन को न केवल एक आसान विकल्प बनाया है, बल्कि एक बेहतर सौदा भी।
इसके साथ ही, गोल्ड लोन की प्रोसेसिंग में कागजी कार्रवाई कम होती है और मंजूरी जल्दी मिलती है, इसलिए यह पर्सनल लोन की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक माना जा रहा है।

बैंक और एनबीएफसी कर रहे हैं गोल्ड लोन को प्राथमिकता
बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के लिए भी गोल्ड लोन एक सुरक्षित विकल्प बन गया है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि लोन के बदले गिरवी रखे गए सोने की वेल्यू तेजी से बढ़ रही है, जिससे लोन रिकवरी का जोखिम बेहद कम हो जाता है।
त्योहारी सीजन में तो लोगों ने अपनी खरीदारी, शिक्षा, इलाज और अन्य खर्चों के लिए गोल्ड लोन को बड़े पैमाने पर अपनाया है। मौजूदा नियमों के तहत सोने के कुल मूल्य का करीब 85% तक लोन आसानी से मिल जाता है, और यह पर्सनल लोन की तुलना में सस्ता भी पड़ता है।
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सोने की कीमतें जहां आम उपभोक्ता के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं, वहीं गोल्ड लोन ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे लाखों लोगों को राहत देने का काम किया है। मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले महीनों में भी गोल्ड लोन की मांग लगातार बनी रहेगी, खासकर तब जब त्योहारी खर्चे, शादी-ब्याह और कृषि से जुड़ी जरूरतें बढ़ती हैं।







