बिहार की राजनीति में गर्माहट बढ़ाते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़े चुनावी वादे किए। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो राज्य की लाखों जीविका दीदियों को स्थायी नौकरी दी जाएगी और उन्हें ₹30,000 मासिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा, जीविका दीदियों पर लोन के ब्याज को माफ किया जाएगा और ₹5 लाख तक का बीमा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
तेजस्वी ने वर्तमान एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “डबल इंजन की सरकार” केवल भ्रष्टाचार, अपराध और असफलताओं का प्रतीक बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कमाई, दवाई और सिंचाई के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम रही है, और जनता गरीबी, पलायन व बेरोजगारी की मार झेल रही है।
‘माई बहिन मान’ योजना और सरकारी नौकरी का वादा
तेजस्वी ने महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘माई बहिन मान’ योजना की घोषणा की, जिसके तहत हर पात्र महिला को ₹2500 मासिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई लोन नहीं होगा, बल्कि सरकार द्वारा दिया जाने वाला नियमित मानदेय होगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर कानून बनाकर हर घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
संविदाकर्मियों को स्थायीत्व और नई ‘MAA’ योजना
तेजस्वी यादव ने संविदा पर कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने वादा किया कि सभी संविदाकर्मियों को एक साथ स्थायी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कई एजेंसियों के जरिए शोषण का शिकार हो रहे इन कर्मचारियों को अब स्थायीत्व मिलेगा।
साथ ही उन्होंने ‘MAA’ योजना का ऐलान किया, जिसमें हर गरीब परिवार को M – मकान, A – अन्न और A – आमदनी की गारंटी दी जाएगी। यह योजना राज्य की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया।
तेजस्वी जो कहता है, वो करता है
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और कहा कि एनडीए सरकार ने आरजेडी की योजनाओं की नकल की है। उन्होंने कहा, “हमने ‘माई बहिन मान’ योजना लाई, तो इन्होंने महिलाओं को ₹10,000 की रिश्वत थमा दी।” उन्होंने कहा कि तेजस्वी को अपने वादों के लिए प्रमाण देने की जरूरत नहीं क्योंकि “तेजस्वी जो कहता है, वो करता है।”
यह भी पढ़ें: भारत द्वारा तेल नहीं खरीदने के ट्रंप के दावों पर रूस ने क्या कहा?
बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच तेजस्वी यादव के ये ऐलान राज्य की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे सकते हैं। अब देखना यह है कि जनता इन वादों पर कितना भरोसा जताती है।









