नयी बिहार सरकार के गठन के बाद विभागों का बंटवारा किस तरह हुआ है, इस पर एक अनौपचारिक सूची शुक्रवार (21 नवंबर, 2025) को सामने आई है। यह सूची अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है, लेकिन उसके दावों के मुताबिक नए मंत्रीमंडल में कई महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो बंटे हैं।
मुख्य विभाग किन मंत्रियों को मिले: एक झलक
- सम्राट चौधरी को गृह विभाग सौंपे जाने का दावा है।
- विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व विभाग और भू-तत्व विभाग मिल सकते हैं।
- मंगल पांडे को स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ विधि विभाग देने की बात कही जा रही है।
- दिलीप जयसवाल उद्योग विभाग के मंत्री बनने की संभावना है।
- नितीन नबीन को पथ निर्माण एवं नगर विकास एवं आवास विभाग मिल सकते हैं।
- रामकृपाल यादव को कृषि विभाग का उत्तरदायित्व सौंपे जाने की खबर है।
- संजय टाइगर श्रम संसाधन विभाग संभालने की दिशा में हैं।
संस्कृति, पर्यावरण और अन्य विभागों में भी फेरबदल
अनौपचारिक सूची में अन्य विभाग भी विस्तार से बाँटे गए हैं:
- अरुण शंकर प्रसाद – पर्यटन, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग
- सुरेन्द्र मेहता – पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
- नारायण प्रसाद – आपदा प्रबंधन विभाग
- रमा निषाद – पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
- लखेन्द्र पासवान – अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग
- श्रेयसी सिंह – सूचना प्रौद्योगिकी और खेल विभाग
- प्रमोद चंद्रवंशी – सहकारिता, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
JDU, HAM, RLM और LJP (R) के विभाग
सूची में JDU को भी असरदार पोर्टफोलियो मिलने का दावा है:
- अशोक चौधरी – ग्रामीण कार्य तथा समाज कल्याण विभाग
- मदन सहनी – वित्त और वाणिज्यिक कर विभाग
अन्य दलों के विभागों को लेकर भी दावे सामने आए हैं:
- लेसी सिंह – खाद एवं उपभोक्ता विभाग
- विजय चौधरी – ग्रामीण विकास विभाग
- विजेंद्र यादव – ऊर्जा विभाग
- जमा खान – अल्पसंख्यक विभाग
- सुनील कुमार – शिक्षा विभाग
लोजपा (रामविलास) को गन्ना उद्योग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग मिलने का दावा है। वहीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्यूलर) को जल संसाधन विभाग, और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को पंचायती राज विभाग प्राप्त होने की बात भी कही जा रही है।
यह विभागीय बंटवारा अभी तक अनौपचारिक स्रोतों का हिस्सा है। आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए अंतिम वज़ीर-मंत्री पोर्टफोलियो उसी समय स्पष्ट होंगे जब सरकार विभागीय संरचना का औपचारिक ऐलान करे।
यह भी पढ़ें: गुवाहाटी टेस्ट: गर्दन की चोट के कारण शुभमन गिल बाहर, ऋषभ पंत संभालेंगे कप्तानी
सरकार के गठन के तुरंत बाद यह विभागों का बंटवारा राजनीतिक संतुलन और दल-बैलेंसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।










