शिमला के दोदरा केवार क्षेत्र में आयोजित बहुदिवसीय स्वास्थ्य शिविर का तीसरा दिन शुक्रवार को नागरिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र केवार में सम्पन्न हुआ। NTEP के नोडल इंचार्ज डॉ. अजय सिंह के नेतृत्व में चिकित्सा टीम ने आज बड़ी संख्या में मरीजों का परीक्षण किया। शिविर में कुल 170 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जबकि 123 मरीजों के छाती के एक्स-रे भी किए गए।
स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण जारी
खण्ड चिकित्सा अधिकारी चिरगांव डॉ. राजीव चंद शाशनी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के प्रभारी डॉ. सुशील मछान एवं उनकी टीम पिछले तीन दिनों से इस दुर्गम क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है।
इसी क्रम में आज केवार के स्कूलों में जाकर 203 बच्चों की जांच की गई। बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई और नशे से दूर रहने के लिए जागरूक भी किया गया।

मोबाइल मेडिकल यूनिट ने पहुंचाई स्वास्थ्य सेवाएं
डॉ. शाशनी ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट, जो डॉ. नितीशा सूद के नेतृत्व में काम कर रही है, पिछले तीन दिनों से क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध करा रही है। आज इसी टीम ने केवार में 170 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक सलाह व दवाइयाँ उपलब्ध कराईं।
दोदरा केवार जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में इस तरह के स्वास्थ्य शिविर लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की गतिविधियाँ जारी रहेंगी।

इंटरैक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकोनॉमी (IFIE)
मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) हिमाचल सरकार द्वारा जीवन धारा प्रॉजेक्ट के अन्तर्गत प्रदान किया गया है जिसका क्रियान्वयन इंटरैक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकॉनमी (IFIE) के द्वारा किया जा रहा है।
इंटरैक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकोनॉमी (IFIE) भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (80G, 12A, 8A पंजीकृत), गैर-लाभकारी संस्था है जो भारत के माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार करते हुए समाज के वंचित वर्ग के विकास और कल्याण के लिए समर्पित है।
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इंटरैक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकोनॉमी (IFIE) भारत सरकार, राज्य सरकार, पीएसयू और अन्य कॉरपोरेट्स के सहयोग से मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। दिल्ली/एनसीआर, लुधियाना सहित पूरे उत्तर भारत में 65,000 से अधिक रोगियों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।









