Bihar Panchayat Election 2026: बिहार पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल गांवों और कस्बों में तेज होने लगी है। मौजूदा मुखियाओं का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2026 में खत्म हो रहा है। हालांकि, चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। परिसीमन के कारण चुनाव में देरी हो सकती है।
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के अनुसार, चुनाव पंचायतों का परिसीमन पूरा होने के बाद ही कराए जाएंगे। परिसीमन के बाद पंचायतों और मुखिया की सीटें बढ़ेंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 60 फीसदी तक मुखिया की सीटों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव के ऐलान से पहले ही उम्मीदवारों ने शुरू की तैयारी
पंचायत चुनाव का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। गांवों में संपर्क अभियान, बैठकें और लोगों से मुलाकात का दौर भी शुरू हो चुका है।
अगर आप बिहार पंचायत चुनाव 2026 में मुखिया पद के लिए लड़ने की तैयारी कर रहे हैं तो आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय जरूरी दस्तावेजों की तैयारी कर लेना बेहतर होगा। हालांकि, अंतिम रूप से अनिवार्य दस्तावेज के बारे में चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद ही पता चलेगा।
मतदाता सूची में सबसे पहले नाम जांचें
अगर आप मुखिया का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे है तो सबसे पहले आपका नाम मतदाता सूची में होना अनिवार्य है। उम्मीदवार को अपनी ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट में अपना नाम पहले से जांच लेनी चाहिए।
साथ में वोटर आईडी कार्ड भी तैयार रखें। आधार कार्ड को मतदाता होने के प्रमाण नहीं माने।
नामांकन करने के लिए प्रस्तावक होना जरूरी
जब आप चुनाव में नामांकन दाखिल करने जाते हैं तो नामांकन पत्र में उम्मीदवार के साथ प्रस्तावक के बारे में जानकारी भी देनी होती है।
प्रस्तावक का भी उस पंचायत का मतदाता होना जरूरी है जिस पंचायत से आप चुनाव लड़ना चाहते हैं। नामांकन पत्र में प्रस्तावक का हस्ताक्षर होता है। इसलिए संभावित उम्मीदवार को प्रस्तावक से जुड़ी सभी जानकारी भी पहले से जुटा के रखनी चाहिए।
चुनाव लड़ने के लिए इतनी उम्र होनी चाहिए
मुखिया पद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। उम्र का प्रमाण के लिए मैट्रिक प्रमाण-पत्र, जन्म प्रमाण-पत्र या अन्य मान्य दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है।
नाम, पिता/पति का नाम और जन्मतिथि जैसे विवरण सभी दस्तावेजों में सही और एक जैसा हैं या नहीं, उसकी जांच भी पहले ही कर लेनी चाहिए।
शपथ-पत्र में देनी होगी सभी अहम जानकारी
नामांकन करने वक्त शपथ-पत्र या निर्धारित घोषणा-पत्र भी देना पड़ता है। इसमें उम्मीदवार की संपत्ति, देनदारी, शैक्षणिक योग्यता और आपराधिक मामलों से संबंधित सभी जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होती है।
अपने अलावा उम्मीदवार को पति या पत्नी तथा अन्य आश्रितों की संपत्ति से जुड़ी जानकारी भी देनी पड़ सकती है। लंबित आपराधिक मामलों या अदालत से हुई सजा से संबंधित जानकारी अगर आप छिपाते हैं तो बाद में पता चलने पर आपकी उम्मीदवारी निरस्त हो जाएगी।
इस बार में घर के शौचालय से जुड़ी जानकरी भी देनी होगी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उम्मीदवार को अपने घर के शौचालय होने से संबंधित घोषणा पत्र या शपथ-पत्र देना पड़ सकता है। इसमें उन्हें यह भी घोषित करना पड़ेगा कि उम्मीदवार और उसके परिवार के सदस्य खुले में शौच नहीं करते हैं।
फोटो और पहचान पत्र रखें तैयार
नामांकन के लिए हाल की पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखें। इसके साथ ही वोटर आईडी, आधार कार्ड एवं अन्य सरकारी फोटो पहचान पत्र भी सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका सत्यापन किया जा सके।
नामांकन शुल्क और रसीद को संभालकर रखें
निर्धारित शुल्क और जमानत राशि नामांकन के दौरान जमा करनी पड़ती है। भुगतान के बाद मिलने वाली रसीद को सुरक्षित रखना अनिवार्य है।
शुल्क की राशि उम्मीदवार की श्रेणी और चुनाव से जुड़े अंतिम नियमों के आधार पर अलग हो सकती है। पंचायत से संबंधित किसी बकाये की स्थिति भी पहले जांच लेना जरुरी होगा।
जाति प्रमाण-पत्र आरक्षित सीट के लिए जरूरी
अगर किसी ग्राम पंचायत में मुखिया की सीट आरक्षित होती है तो संबंधित जाति का वैध जाति प्रमाण-पत्र होना जरूरी। SC, ST, EBC या BC वर्ग के संभावित उम्मीदवारों को अपने प्रमाण-पत्र पहले से बना लेनी चाहिए और वर्तमान प्रमाण पत्र की वैधता और विवरण पहले ही जांच लेना चाहिए।
निवास प्रमाण-पत्र भी रखें
बिहार में पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को निवास प्रमाण पत्र भी तैयार रखना चाहिए। हालांकि, कौन सा प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा, इसकी अंतिम पुष्टि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद ही होगी।
हालांकि, पंचायत चुनाव की अंतिम तारीख, सीटों का आरक्षण, परिसीमन और नामांकन के लिए अनिवार्य दस्तावेजों से सम्बंधित आधिकारिक जानकारी चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद ही अंतिम मानी जाएगी।








