बिहार के नए उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को राज्य का गृह विभाग सौंपा गया है और उन्होंने इस बड़ी ज़िम्मेदारी को स्वीकार करते ही साफ संदेश दिया है, अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। उनके इस बयान ने सरकार की कानून व्यवस्था पर कड़े रुख की झलक दी है।
पहली प्रतिक्रिया में उन्होंने क्या कहा?
सम्राट चौधरी ने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन ने उन्हें गृह मंत्री का अवसर दिया है। उनका लक्ष्य साफ है: बिहार में सुशासन को और मज़बूत करना और अपराधियों के प्रभाव को खत्म करना।
“मैं जनता को भरोसा दिलाता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सुशासन की राह पर हम आगे बढ़ेंगे,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले दिनों की ‘जंगलराज’ की यादों को मिटाने का काम सुशासन की नीतियों ने किया है और यह कोशिश निरंतर जारी रहेगी। उनका कहना था कि “बिहार अपराधियों के लिए नहीं है — अपराधियों को यहाँ से बाहर जाना होगा।”
नए विभागों का बंटवारा
हाल ही में एनडीए की नई सरकार गठन के बाद मंत्रिमंडल का विभाग विभाजन किया गया। गौरतलब है कि पहले गृह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अधीन ही था, लेकिन इस बार उन्होंने यह जिम्मेदारी सम्राट चौधरी को सौंप दी। यह उन्हें एक महत्वपूर्ण भूमिका देता है, क्योंकि गृह विभाग कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की बागडोर संभालता है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
सम्राट चौधरी बीजेपी के प्रतिनिधि हैं और उन्हें कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। 20 नवंबर को नई सरकार में 26 मंत्रियों ने शपथ ली थी, और एनडीए ने विधानसभा चुनावों में 202 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। यह नई सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में सत्ता में आई है और सम्राट चौधरी उनकी टीम में गृह विभाग चला रहे हैं।
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चुनौती और उम्मीदें
सम्राट चौधरी का अपराध पर सख्त रुख और सुशासन को बढ़ावा देने का इरादा नई सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। लेकिन यह भी देखना होगा कि उनके वादों को कितनी तेजी से जमीन पर उतारा जाता है — अर्थात, अपराधी तत्वों पर नकेल कसने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराने में उनकी रणनीति कितनी असरदार रहेगी।









