संसद के भीतर मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मतदाता सूची, चुनाव आयोग की भूमिका और नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज़ होता गया।
‘वोटर वही जो भारत का नागरिक हो’ — अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मतदाता सत्यापन को लेकर स्थिति स्पष्ट है और यह जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है कि वह तय करे कौन वैध वोटर है और कौन नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी व्यक्ति का मतदाता बनना तभी संभव है जब वह भारत का नागरिक हो।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस सांसद हरियाणा के एक घर का उदाहरण देकर वोटरों की संख्या को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग की जांच में यह दावा गलत निकला। उनके मुताबिक, “फर्जी नैरेटिव बनाकर वोट चोरी का मुद्दा उछाला जा रहा है।”
इस टिप्पणी पर विपक्ष की ओर से जोरदार आपत्ति जताई गई। हंगामे के बीच शाह ने कहा कि उन्हें अपनी बात पूरी करने दी जाए, इसके बाद विपक्ष अपनी प्रतिक्रिया दे और वह उसका जवाब देने को तैयार हैं।
राहुल पर तीखा हमला—‘तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस का दूंगा जवाब’
अमित शाह ने कहा कि वह राहुल गांधी की तीन हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस—“सादी वाली, एटम बम वाली और हाइड्रोजन बम वाली”—का जवाब देने वाले हैं। इस पर राहुल गांधी ने बीच में हस्तक्षेप किया, जिस पर शाह ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “30 साल से संसद में आ रहा हूं, मेरे बोलने का क्रम मैं तय करता हूं।”
राहुल गांधी ने इसे “डरा हुआ और घबराया हुआ जवाब” बताया। शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि वह “राहुल गांधी के चेहरे पर चिंता साफ देख सकते हैं” और वह किसी भी उकसावे में नहीं आएंगे।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को पूर्ण इम्युनिटी देने के सुझाव पर भी तत्काल जवाब की मांग की और शाह को खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहस की चुनौती दी।
अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ‘तीन बड़ी वोट चोरी’ का आरोप
गृहमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के इतिहास में तीन बार “वोट चोरी” हुई:
- पहली वोट चोरी: शाह के अनुसार, आज़ादी के बाद प्रधानमंत्री चयन की प्रक्रिया में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों ने अधिकतर वोट सरदार पटेल को दिए, लेकिन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बने।
- दूसरी वोट चोरी: इंदिरा गांधी के रायबरेली चुनाव को कोर्ट ने “अनैतिक” करार दिया था। शाह ने कहा कि इसके बाद अपने बचाव में संसद में ऐसा कानून लाया गया, जिससे प्रधानमंत्री के खिलाफ केस चलाना मुश्किल हो गया।
- तीसरी वोट चोरी: शाह ने दावा किया कि एक मामला अदालत में है जिसमें कहा गया है कि सोनिया गांधी भारत की नागरिकता मिलने से पहले मतदाता थीं। कांग्रेस ने इस पर जोरदार आपत्ति जताई। केसी वेणुगोपाल ने चुनौती दी कि गृहमंत्री यह साबित करें कि सोनिया गांधी ने कभी गैर-नागरिक रहते हुए वोट दिया।
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स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि गृह मंत्री ने इस मामले पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया, सिर्फ कोर्ट में लंबित केस का उल्लेख किया है।









