केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। बढ़ती महंगाई और रिटायरमेंट के बाद बढ़ते खर्च को देखते हुए अटल पेंशन योजना के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह करने पर विचार किया जा रहा है।
असंगठित क्षेत्र पर खास फोकस
भारत की कुल कार्यबल का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा असंगठित क्षेत्र से जुड़ा है। इसमें रेहड़ी-पटरी विक्रेता, घरेलू कामगार, दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यवसाय करने वाले लोग शामिल हैं। इन कामगारों के पास न तो स्थायी आय होती है और न ही भविष्य निधि (PF) या पेंशन जैसी सुविधाएं, ऐसे में यह योजना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
क्यों जरूरी है बदलाव?
अटल पेंशन योजना की शुरुआत 2015 में हुई थी, जिसका उद्देश्य बुजुर्गावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। फिलहाल इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 से 5,000 रुपये तक की गारंटीड पेंशन मिलती है। हालांकि, बढ़ती महंगाई के चलते यह राशि अब पर्याप्त नहीं मानी जा रही, इसी वजह से सरकार इसमें बदलाव पर विचार कर रही है।
वर्तमान स्थिति
अब तक इस योजना से करीब 9 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं, लेकिन एक बड़ी संख्या में लोग नियमित अंशदान नहीं कर पा रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए खाताधारक जुड़े हैं, जो इस योजना की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
क्या है प्रस्ताव?
Pension Fund Regulatory and Development Authority और वित्त मंत्रालय मिलकर इस योजना में सुधार के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। चर्चा है कि अधिकतम पेंशन सीमा को 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जा सकता है, जिससे लाभार्थियों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
गांव-गांव तक पहुंचाने की योजना
सरकार इस योजना का विस्तार करने के लिए “पेंशन सखी” और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) मॉडल का सहारा ले रही है, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक इसकी पहुंच बढ़ाई जा सके। साथ ही, 26 जनवरी 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को 2031 तक जारी रखने की मंजूरी भी दे दी है।
क्या बढ़ेगा सरकार पर बोझ?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से सरकार पर ज्यादा वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह योजना मुख्य रूप से लोगों के स्वयं के अंशदान पर आधारित है।
यह भी पढ़ें: IPL 2026: CSK ने इस खिलाड़ी को आयुष म्हात्रे की जगह टीम में किया शामिल
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अटल पेंशन योजना से जुड़े करोड़ों लोगों को भविष्य में ज्यादा आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। खासकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए यह कदम काफी राहत देने वाला साबित हो सकता है।









