राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि उनके बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की हत्या की चार बार कोशिश की जा चुकी है। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के सीधे जेडीयू और बीजेपी पर आरोप लगाए हैं कि यही दल तेजस्वी के खिलाफ साजिश कर रहे हैं।
राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “तेजस्वी यादव को जान से मारने की साजिश की गई है। चार बार कोशिश हुई है। अब बताइए, बिहार में साजिश कौन करेगा जेडीयू और बीजेपी को छोड़कर?” उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस पर जवाब देना चाहिए।
बीजेपी मंत्री ने किया पलटवार
राबड़ी देवी के आरोपों पर बीजेपी नेता और मंत्री सुरेंद्र मेहता ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आरजेडी की राजनीति ही अपराध और डर फैलाने वाली रही है। “तेजस्वी यादव को कोई मारने की कोशिश नहीं कर रहा। चुनाव नजदीक हैं, और हार के डर से आरजेडी नेताओं को ऐसे बयान देने पड़ रहे हैं,” सुरेंद्र मेहता ने कहा।
विधानसभा सत्र में गरमाया एसआईआर का मुद्दा
सदन के बाहर राबड़ी देवी ने एसआईआर (स्मार्ट वोटर कार्ड रजिस्ट्रेशन) को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजना से चार करोड़ प्रवासी मजदूर वोटर कार्ड से वंचित हो सकते हैं।“गरीब जनता वोट देती है, और सरकार की जिम्मेदारी है कि हर मतदाता को उसका अधिकार मिले,” उन्होंने कहा।

‘वोट की चोरी बंद करो’ के लगे नारे
राबड़ी देवी के साथ आरजेडी के अन्य नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर एसआईआर को वापस लेने की मांग की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की — “वोट की चोरी बंद करो!” का नारा सदन के बाहर गूंजता रहा।
यह भी पढ़ें: केंद्र सरकार ने इन ऐप्स पर लगाया प्रतिबंध
राजनीति में बढ़ते तनाव के संकेत
तेजस्वी यादव पर हमले की आशंका और एसआईआर जैसे मुद्दों पर आरजेडी की तीखी प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि बिहार में राजनीतिक तापमान तेजी से चढ़ रहा है। एक ओर सरकार विपक्ष के आरोपों को “चुनावी स्टंट” बता रही है, तो वहीं विपक्ष इसे लोकतंत्र और गरीबों के अधिकारों पर हमला बता रहा है।









