बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं को कौशल आधारित और गुणवत्तापूर्ण रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी पाँच वर्षों (2025–30) में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासन को व्यापक रणनीति और विभागीय पुनर्गठन लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
युवा–केंद्रित नीति के लिए तीन नए विभागों का गठन
सरकार ने युवाओं और रोजगार पर विशेष ध्यान देते हुए तीन नए विभाग बनाने का फैसला किया है—
- युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग
- उच्च शिक्षा विभाग
- नागर विमानन विभाग
इन विभागों का उद्देश्य राज्य के युवाओं को बड़े पैमाने पर कौशल प्रशिक्षण देना, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना और विमानन—पर्यटन—औद्योगिक विकास के ज़रिए नई नौकरियों का सृजन करना है।
कौशल विकास पर बड़ा फोकस, उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
नए बनाए गए युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के माध्यम से सरकार अगले पाँच वर्षों में बड़ी संख्या में युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने की योजना पर काम करेगी। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, स्टार्टअप सहायता और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
उच्च शिक्षा विभाग—गुणात्मक सुधार और रोजगारपरक शिक्षा पर जोर
अलग से उच्च शिक्षा विभाग बनने के बाद राज्य में
- शोध एवं नवाचार
- तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा
- नए रोजगारपरक कोर्स
- गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा
जैसे क्षेत्रों में बड़ा सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चाहती है कि राज्य के हर वर्ग के युवा उच्च शिक्षा के माध्यम से बेहतर करियर अवसर प्राप्त कर सकें।
नागर विमानन विभाग से बढ़ेगा उद्योग और रोज़गार
राज्य में कई हवाई अड्डों का विस्तार और नए एयरपोर्ट निर्माण का कार्य जारी है। उड़ान योजना के तहत कई और एयरपोर्ट प्रस्तावित हैं। ऐसे में नागर विमानन विभाग का गठन इस प्रक्रिया को तेज़ करेगा।
इससे—
- औद्योगिक माहौल मजबूत होगा
- हवाई संपर्क बढ़ेगा
- नए रोजगार पैदा होंगे
- राज्य में बने उत्पादों का निर्यात आसान होगा
MSME सेक्टर को मजबूती, हर जिले में मेगा स्किल सेंटर
सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) निदेशालय और बिहार मार्केटिंग प्रोत्साहन निगम बनाने का भी निर्णय लिया है।
MSME निदेशालय के तहत हर जिले में एक मेगा स्किल सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां युवाओं को उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार मार्केटिंग प्रोत्साहन निगम—स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार
नए निगम के गठन से कृषि, पशुपालन, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और ग्रामीण उद्योगों के उत्पादों को बेहतर विपणन और वितरण व्यवस्था मिलेगी। इससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए आय और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार प्रतिबद्ध
राज्य सरकार ने स्पष्ट कहा है कि युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का हर युवा दक्ष, आत्मनिर्भर और रोजगारयुक्त बने।
यह भी पढ़ें: भारत–रूस शिखर सम्मेलन: इन मुद्दों पर दोनों देशों में बनी सहमति
नए विभाग, स्किल सेंटर और व्यापारिक अवसरों के विस्तार से सरकार का मानना है कि 1 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।









