रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के दूसरे दिन आज उस शाही भोज में शामिल होंगे, जिसे उनके सम्मान में राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया है। गुरुवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया था, जिसके बाद से पूरे कार्यक्रम को लेकर उत्साह और तैयारियां लगातार तेज़ रहीं।
शाम को होगी ट्राई–सर्विसेज बैंड की विशेष प्रस्तुति
डिनर के दौरान भारत की तीनों सेनाओं—थलसेना, नौसेना और वायुसेना—के संगीतकारों का संयुक्त मिलिट्री बैंड विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति देगा।
सूत्रों के अनुसार, यह बैंड भारतीय और रूसी धुनों का मिश्रण पेश करेगा, जिसमें ‘सारे जहाँ से अच्छा’ और ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ जैसे देशभक्ति गीतों का मेडले भी शामिल है। यह प्रस्तुति भारत–रूस मित्रता का सांस्कृतिक प्रतीक मानी जा रही है।
मेनू में भारतीय स्वाद और रूसी फ्लेवर—दोनों की झलक
स्टेट डिनर भारतीय आतिथ्य और विविधता को प्रदर्शित करने का एक प्रतिष्ठित अवसर है।
इस खास भोज में—
- कश्मीरी वाजवान
- रूसी बोरश्च
- भारतीय और रूसी पारंपरिक व्यंजनों का विस्तृत चयन
जैसी डिशें शामिल की गई हैं। मेनू को इस तरह तैयार किया गया है कि यह दोनों देशों की पाक परंपराओं को एक ही मेज पर पेश करे।
150 से अधिक मेहमान इस डिनर में शामिल होंगे, जिनमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, राजनीतिक हस्तियाँ, उद्योग जगत के दिग्गज और सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख शख्सियतें मौजूद रहेंगी।
भारत–रूस कूटनीति में क्यों महत्वपूर्ण है यह शाही भोज?
रूसी राष्ट्रपति के सम्मान में आयोजित यह भोज भारत–रूस संबंधों की गहराई और पारंपरिक मजबूत साझेदारी का प्रतीक माना जाता है। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच पुतिन की यह यात्रा बेहद अहम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस मुलाकात और डिनर कूटनीति से—
- सुरक्षा सहयोग
- व्यापार और निवेश
- ऊर्जा साझेदारी
- द्विपक्षीय राजनीतिक विश्वास
जैसे क्षेत्रों में नई गति मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें: भारत–रूस शिखर सम्मेलन: इन मुद्दों पर दोनों देशों में बनी सहमति
भारत और रूस दशकों से रणनीतिक साझेदार रहे हैं, और यह भोज दोनों देशों के रिश्तों को अगले चरण में ले जाने का संकेत माना जा रहा है।









