Delhi-NCR Rains: बुधवार सुबह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपा दिया। काले बादल, जलभराव और ट्रैफिक जाम ने शहर की सुबह की रफ्तार को थाम दिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी और आसपास के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, इन क्षेत्रों में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
जहां एक ओर इस बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर इसने राजधानी के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक को पूरी तरह से ठप कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में देखा गया कि कई चौराहे जलमग्न हो गए हैं और लोग टखनों तक भरे पानी में चलते हुए नजर आए।
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सुबह के समय तापमान में तेज गिरावट आई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। लेकिन कई लोगों के लिए यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई क्योंकि रातभर की बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे खासकर साउथ दिल्ली, आईटीओ और महरौली-गुरुग्राम रोड पर भारी ट्रैफिक जाम देखा गया।
कई अंडरपास और चौराहों पर सिग्नल काम नहीं कर रहे थे, जिसके चलते ट्रैफिक पुलिस को खुद मोर्चा संभालते हुए वाहन चालकों को मार्ग निर्देशित करना पड़ा। हालांकि बारिश ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास के इलाकों को भी प्रभावित किया, लेकिन हवाई यातायात सामान्य रहा और किसी बड़ी देरी या डायवर्जन की सूचना नहीं मिली। हालांकि, एयरपोर्ट जाने वाले रास्तों पर पानी भरने और ट्रैफिक जाम की वजह से सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
कैब ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों ने लंबे इंतजार और कई मार्गों पर डायवर्जन की शिकायत की।
उत्तर भारत में जारी रहेगा बारिश का दौर
IMD की ताजा एडवाइजरी के अनुसार, यह बारिश अभी थमने वाली नहीं है। इस हफ्ते दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और बारिश होने की संभावना है। जहां कुछ क्षेत्रों को रेड अलर्ट पर रखा गया है, वहीं उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जैसे क्षेत्रों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि जनजीवन प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा।
दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम पहले से ही चरमराई हुई है। ऐसे में एक और बड़ी चिंता सामने आ रही है, वो है यमुना नदी का जलस्तर। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से जल प्रवाह 50,000 क्यूसेक के पार चला गया है, जो इस मानसून सत्र में अब तक का सबसे अधिक है। इससे यमुना के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है और नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
इस जुलाई में दिल्ली में अब तक 136.3 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो मासिक औसत 209.7 मिमी के करीब पहुंच गई है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो यह आंकड़ा काफी बढ़ सकता है।









