फीडे महिला शतरंज वर्ल्ड कप 2025 के बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले की शुरुआत हो चुकी है। फाइनल के पहले गेम में भारत की दो शीर्ष महिला खिलाड़ी—अनुभवी ग्रैंडमास्टर कोनेरु हम्पी और युवा सनसनी दिव्या देशमुख—ने 41 चालों तक चली जोरदार भिड़ंत में ड्रा खेला। अब सब की निगाहें रविवार को होने वाली मुकाबले पर टिकी है।
38 वर्षीय हम्पी, जो दो दशकों से अधिक समय से विश्व शतरंज में भारत का नाम रोशन कर रही हैं, अपने शांत स्वभाव और गहरी रणनीति के लिए जानी जाती हैं। वहीं, 19 साल की दिव्या देशमुख तेजी से उभरती हुई प्रतिभा हैं, जिनकी आक्रामक शैली और आत्मविश्वास उन्हें इस फाइनल में एक चुनौतीपूर्ण प्रतिद्वंद्वी बनाता है।
पहले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने बेहद सधा हुआ खेल दिखाया। हम्पी ने अपनी पारंपरिक धैर्यपूर्ण रणनीति अपनाई तो दिव्या ने भी साहसिक चालों से मुकाबले को संतुलित रखा। परिणामस्वरूप, किसी भी खिलाड़ी को निर्णायक बढ़त नहीं मिली और खेल ड्रॉ पर समाप्त हुआ।

अब एक दिन के विश्राम के बाद यह रोमांचक फाइनल आगे बढ़ेगा। कुल दो क्लासिकल मुकाबले खेले जाएंगे, और यदि स्कोर बराबर रहता है तो रैपिड व ब्लिट्ज टाईब्रेक्स का सहारा लिया जाएगा।
यह मुकाबला न सिर्फ एक खिताब का निर्धारण करेगा, बल्कि भारतीय महिला शतरंज में एक नई इबारत भी लिखेगा। चाहे जीत हम्पी की हो या दिव्या की—इतिहास रचा जाना तय है।
मुख्य बातें:
- फाइनल के पहले गेम में 41 चालों के बाद ड्रा
- हम्पी का अनुभव बनाम दिव्या की आक्रामक शैली
- अगला गेम 26 जुलाई को, फैसला हो सकता है टाईब्रेक में
- दो भारतीय खिलाड़ियों के बीच ऐतिहासिक फाइनल
बाटुमी के शतरंज प्रेमियों के साथ-साथ पूरी दुनिया की निगाहें अब इस ऐतिहासिक मुकाबले के अगले अध्याय पर टिकी हैं।









