France protest: नेपाल में प्रदर्शन के बाद से अब फ्रांस से भी प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। पेरिस और फ्रांस के अन्य हिस्सों में बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। जिसमें, प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की और पुलिस की आंसू गैस की गोलियों का सामना किया। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर दबाव बनाना और प्रधानमंत्री को चुनौतियों से घेरना था।
गृहमंत्री ने घोषणा की कि राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के पहले कुछ घंटों में ही करीब 200 गिरफ्तारियां हुईं। हालांकि आंदोलन अपने सबकुछ रोक दो (Block Everything) के नारे को पूरी तरह पूरा नहीं कर सका, फिर भी गर्मियों में ऑनलाइन शुरू हुआ यह आंदोलन देशभर में कई जगहों पर अशांति फैलाने में सफल रहा। 80,000 पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारी जगह-जगह बैरिकेड लगाते और गिरफ्तारियां होती रहीं।
यह भी पढ़ें- नेपाल में Gen Z क्यों कर रहे प्रदर्शन, सोशल मीडिया नहीं- यहां से जन्मीं विद्रोह की जड़ें!
गृहमंत्री ब्रूनो रिटायो ने बताया कि पश्चिमी शहर रेन (Rennes) में एक बस को आग लगा दी गई और एक बिजली लाइन को नुकसान पहुंचाने के कारण दक्षिण-पश्चिम में ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी विद्रोह का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद शुरुआती प्रदर्शन पिछली अशांत घटनाओं की तुलना में कुछ कम तीव्र दिखे। इनमें मैक्रों के पहले कार्यकाल में कई महीनों तक चले येलो वेस्ट आंदोलन शामिल था, जिसने पूरे देश को हिला दिया था। 2022 में दोबारा चुनाव जीतने के बाद मैक्रों को पेंशन सुधारों को लेकर व्यापक गुस्से का सामना करना पड़ा और 2023 में पेरिस के बाहरी इलाके में एक किशोर की पुलिस गोलीबारी में मौत के बाद भारी दंगे हुए।
फिर भी, बुधवार सुबह के व्यस्त समय में प्रदर्शनकारियों ने कई बार पेरिस की रिंग रोड (beltway) को रोकने की कोशिश की। उन्होंने बैरिकेड लगाए, पुलिस पर वस्तुएं फेंकीं, यातायात अवरुद्ध किया और अन्य तरह की विरोध गतिविधियाँ चलाईं। इसने फ्रांस में दोबारा संकट की स्थिति को बढ़ा दिया, खासकर सोमवार को सरकार के पतन के बाद। दरअसल, प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरो (François Bayrou) संसद में विश्वास मत हार गए थे। मंगलवार को मैक्रों ने नए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू (Sébastien Lecornu) को शपथ दिलाई, और तुरंत ही इन प्रदर्शनों ने उनके सामने चुनौती खड़ी कर दी।
Bloquons Tout यानी सबकुछ रोक दो आंदोलन गर्मियों में सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैट्स पर शुरू हुआ था। इसने हड़तालों, प्रदर्शनों और नाकाबंदी के एक दिन का आह्वान किया। इस आंदोलन की कोई स्पष्ट नेतृत्व संरचना नहीं है, लेकिन यह तेजी से वायरल हो गया और इसकी मांगें व्यापक हैं, जिनमें बायरो द्वारा समर्थित कठोर बजट योजनाओं का विरोध और असमानता जैसे बड़े मुद्दे शामिल हैं।
Block Everything आंदोलन की यह स्वतःस्फूर्तता येलो वेस्ट आंदोलन की याद दिलाती है। वह आंदोलन ईंधन कर में बढ़ोतरी का विरोध करने के लिए हाई-विजिबिलिटी जैकेट पहनकर ट्रैफिक सर्कल पर डटे श्रमिकों से शुरू हुआ था। लेकिन जल्द ही यह विभिन्न राजनीतिक, क्षेत्रीय, सामाजिक और पीढ़ीगत वर्गों में फैल गया और आर्थिक अन्याय तथा मैक्रों के नेतृत्व के खिलाफ बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया।









