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Gandhi Mandela Foundation Global Meeting: जलवायु संकट से लेकर शरणार्थी शिक्षा तक, वैश्विक स्तर पर कई अहम विषयों पर बनी रणनीति

Gandhi Mandela Foundation और उसकी अकादमी से जुड़े सदस्यों, क्षेत्रीय उपाध्यक्षों तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने वैश्विक वर्चुअल बैठक में वैश्विक विषयों पर व्यापक चर्चा की।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
13 August 2026
in दुनिया, भारत
0
Gandhi Mandela Foundation Global Meeting: जलवायु संकट से लेकर शरणार्थी शिक्षा तक, वैश्विक स्तर पर कई अहम विषयों पर बनी रणनीति - Panchayati Times

Gandhi Mandela Foundation Global Meeting

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Gandhi Mandela Foundation और उसकी अकादमी से जुड़े सदस्यों, क्षेत्रीय उपाध्यक्षों तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने 29 जुलाई 2026 को आयोजित वैश्विक वर्चुअल बैठक में शिक्षा, मानवाधिकार, स्वास्थ्य, जलवायु कार्रवाई और जमीनी स्तर की सामाजिक पहलों को लेकर व्यापक चर्चा की। बैठक में अलग-अलग देशों में चल रहे प्रभावकारी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के साथ-साथ नई साझेदारियों और मानवीय सहायता से जुड़ी योजनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, शरणार्थी बच्चों की शिक्षा, सामुदायिक पुस्तकालयों, स्वास्थ्य सेवाओं और वैश्विक नेतृत्व जैसे विषय प्रमुख रहे।

जलवायु संकट और मानवीय चुनौतियों पर चर्चा

बैठक की शुरुआत जलवायु परिवर्तन और उससे प्रभावित समुदायों के अनुभवों के साथ हुई। प्रतिनिधियों ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सामने आ रही गंभीर जलवायु घटनाओं की जानकारी साझा की।

चर्चा में बांग्लादेश में हुई जानलेवा बारिश और कनाडा में बड़े पैमाने पर लगी जंगलों की आग का भी उल्लेख किया गया। इन घटनाओं के क्षेत्रीय व्यापार और स्थानीय समुदायों पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई।

नवंबर में होगा इंटरनेशनल एजुकेशन कांग्रेस

बैठक में 14 से 16 नवंबर 2026 तक इंटरनेशनल एजुकेशन कांग्रेस आयोजित करने की घोषणा की गई। यह हाइब्रिड कार्यक्रम ऑनलाइन और प्रत्यक्ष, दोनों माध्यमों से आयोजित होगा।

कार्यक्रम का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर प्रभावी शैक्षणिक प्रक्रियाओं पर रहेगा। बैठक में बताया गया कि चार विश्वविद्यालयों के साथ समझौते हो चुके हैं और 32 से अधिक संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है।

इसके तहत प्राथमिक शिक्षा पूरी कर चुके लोगों के लिए भी सुलभ डिप्लोमा कार्यक्रम उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है।

किताबों के जरिए समुदायों तक शिक्षा पहुंचाने की पहल

फ्रांसिस्को रेयेस और स्टीफन मरे ने प्रकाशकों, बुकस्टोर्स और विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर पुस्तक दान अभियान चलाने की योजना साझा की। इसका उद्देश्य नए सामुदायिक पुस्तकालयों को किताबों और जरूरी संसाधनों से सुसज्जित करना है।

बोलीविया से अल्फ्रेडो रोचा एविला ने विद्यार्थियों की ओर से चलाए गए पुस्तक संग्रह अभियान का उदाहरण दिया। उनके अनुसार पिछले सेमेस्टर में छात्रों ने 800 से अधिक किताबें एकत्र कीं। इसके साथ फलदार पौधे लगाने और खिलौने एकत्र करने जैसी गतिविधियां भी की गईं।

रोहिंग्या युवाओं की शिक्षा पर भी फोकस

रोहिंग्या प्रोग्रेसिव नेटवर्क के संस्थापक अरफात उल्लाह ने शरणार्थी शिविरों में रह रहे रोहिंग्या युवाओं की शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

फाउंडेशन की ओर से विश्वविद्यालयों में छात्रवृत्ति के अवसर और शिक्षा संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए संबंधित टीमों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

दादाब मिशन में सामने आईं बच्चों और युवाओं की चुनौतियां

बैठक में केन्या के दादाब क्षेत्र के इफो-2 शरणार्थी शिविर में किए गए संस्थागत मानवाधिकार मिशन की रिपोर्ट भी साझा की गई। गांधी-मंडेला फाउंडेशन स्पेन के अध्यक्ष और मानवाधिकार राजदूत जोस राउल ने इस मिशन की जानकारी दी।

रिपोर्ट के अनुसार दादाब में बड़ी आबादी लंबे समय से शरणार्थी शिविरों में रह रही है। इफो-2 में बच्चों और युवाओं से जुड़ी कई गंभीर चुनौतियां सामने आईं।

प्रमुख समस्याएं

  • प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध होने के बावजूद माध्यमिक शिक्षा तक पहुंच सीमित है।
  • लड़कियों और युवा महिलाओं पर इसका प्रभाव अधिक पड़ता है।
  • कई बच्चों के पास हिंसा या दुर्व्यवहार की स्थिति में सहायता लेने के स्पष्ट माध्यम नहीं हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता में कमी से परिवारों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
  • कमजोर आर्थिक परिस्थितियां बाल विवाह जैसे जोखिमों को बढ़ा सकती हैं।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए UNHCR और केन्याई सरकार के साथ समन्वय की बात कही गई। इसका संबंध Shirika Plan के तहत शरणार्थी शिविरों को अधिक एकीकृत और टिकाऊ नगरों में बदलने की दिशा से भी जोड़ा गया है।

बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी फाउंडेशन ने कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की जानकारी दी।

मेक्सिको सिटी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक्स की निदेशक डॉ. मर्सिडीज मैकियास पारा के साथ रणनीतिक बैठक हुई। इसका उद्देश्य कमजोर परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों और किशोरों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा तथा विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से संबंधित सहयोग विकसित करना है।

कोलंबिया में डॉ. जनरल विक्टर मैनुअल रिको जैमे और डॉ. जोस लुइस ओजेदा डेलगाडो के बीच भी सहयोग की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रस्तावित समझौते के तहत जरूरतमंद बच्चों के लिए विशेषज्ञ सर्जिकल और हृदय संबंधी चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा देने पर जोर है।

मेक्सिको में बनेगा गांधी-मंडेला पब्लिक लाइब्रेरी

मेक्सिको के जिलोटेपेक में गांधी-मंडेला पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। सैन लोरेंजो नेनामिकोयान में प्रस्तावित पुस्तकालय के लिए PM Steele की ओर से तीन बड़े सार्वजनिक बुक रैक और शेल्विंग सिस्टम का कॉरपोरेट दान दिया गया।

फाउंडेशन के अनुसार यह पहल स्थानीय समुदाय में पढ़ने की संस्कृति और ज्ञान तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है।

स्वच्छ पानी और शिक्षा के लिए चैरिटी गोल्फ इवेंट

मेक्सिको के एटलिक्सको, पुएब्ला में 27 नवंबर 2026 को गांधी-मंडेला फाउंडेशन द्वारा एक कॉरपोरेट चैरिटी गोल्फ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद प्राथमिक विद्यालयों तक स्वच्छ पेयजल, शैक्षणिक सामग्री और स्वास्थ्य संसाधन पहुंचाना है। इसके साथ कॉरपोरेट स्वयंसेवी नेटवर्क और सामाजिक प्रभाव को मापने वाले मानकों को विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

25 देशों तक पहुंचा नेतृत्व और शांति का संदेश

फाउंडेशन के स्वास्थ्य उपाध्यक्ष डॉ. जनरल विक्टर मैनुअल रिको जैमे ने नैतिक नेतृत्व पर एक अंतरराष्ट्रीय संबोधन दिया। वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में 25 देशों के दर्शकों और मानवीय क्षेत्र से जुड़े नेताओं की भागीदारी रही।

कार्यक्रम में महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला के शांति, अहिंसा और नैतिक नेतृत्व के सिद्धांतों को आधुनिक नेतृत्व के संदर्भ में रेखांकित किया गया।

पनामा में ‘Knights for Peace’ सम्मान

पनामा में FEMUPERP और स्थानीय पहल ‘Todas Con Voz’ के सहयोग से ‘Knights for Peace’ यानी ‘Caballeros por la Paz’ सम्मान प्रदान किए गए। यह सम्मान मानवाधिकारों, न्याय, सामाजिक एकजुटता और अहिंसक तरीके से विवादों के समाधान के लिए काम करने वाले लोगों को दिया जाता है।

धार्मिक बहुलवाद और मानवाधिकारों पर भी जोर

कोलंबिया से उपाध्यक्ष मौरिसियो गोमेज ने धार्मिक साक्षरता, बहुलवाद तथा शांति निर्माण में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों की जानकारी साझा की।

फाउंडेशन के अनुसार, Noahide Congress के बाद इन मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ी है और धार्मिक विविधता को राष्ट्रीय मेल-मिलाप के महत्वपूर्ण आधार के रूप में सामने रखा गया।

यह भी पढ़ें: Esports World Cup 2026 Chess: अर्जुन एरिगैसी ने निहाल सरीन को 2-0 से हराया, कार्लसन भी प्लेऑफ में; भारत की उम्मीदें कायम

गांधी-मंडेला फाउंडेशन की वैश्विक प्राथमिकताएं

29 जुलाई की बैठक से सामने आया कि फाउंडेशन की गतिविधियां शिक्षा, स्वास्थ्य और पुस्तकालयों से लेकर मानवाधिकार, शरणार्थी सहायता, जलवायु कार्रवाई और शांति निर्माण तक फैली हुई हैं। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने स्थानीय स्तर की पहलों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ने और कमजोर समुदायों तक सहायता पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया।

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