संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच तीखी बयानबाजी सामने आई है। अमित शाह ने विपक्ष को चर्चा के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने को तैयार है। इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री का भाषण सुनने में रुचि नहीं है, बल्कि वह यह जानना चाहता है कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश किसने दिया।
अमित शाह ने कहा- हर सवाल का जवाब देने को तैयार
गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को तय करना है कि वह चर्चा चाहता है या सदन में हंगामा।
अमित शाह ने कहा कि विपक्ष यदि चर्चा चाहता है तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखित रूप से इसकी जानकारी दे। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं चर्चा में मौजूद रहेंगे और सभी सवालों का जवाब देंगे।
गृह मंत्री ने विपक्ष को एक दिन की अवधि में चर्चा करने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि अगर चर्चा शुरू होती है तो वह अगले दिन उसका जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।
राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान पर किया पलटवार
अमित शाह के बयान के बाद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष यह जानना चाहता है कि छात्रों पर कार्रवाई किसके आदेश पर हुई।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के दौरान बल प्रयोग किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया। राहुल गांधी ने कहा कि अगर गृह मंत्री ने ऐसा आदेश दिया है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमित शाह पिछले कई दिनों से सदन में विपक्ष के सवालों का सामना नहीं कर रहे हैं।
छात्रों के आंदोलन से जुड़ा है संसद में विवाद
संसद में जारी गतिरोध की मुख्य वजह दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को बताया जा रहा है। विपक्ष इस मामले में गृह मंत्री से जवाब मांग रहा है।
विपक्ष का कहना है कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि गृह मंत्री चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष ही सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ने दे रहा।
विपक्ष किन मुद्दों पर चाहता है चर्चा?
छात्रों पर दिल्ली में हुई कथित लाठीचार्ज की कार्रवाई के अलावा राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर भी विपक्ष ने चर्चा की मांग रखी है। विपक्षी दलों का कहना है कि इन मुद्दों पर बिना शर्त चर्चा होनी चाहिए।
सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनने के कारण मानसून सत्र के अंतिम चरण में सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई है।
अब आगे क्या होगा?
मानसून सत्र का अंतिम दिन नजदीक है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार और विपक्ष चर्चा के लिए किसी साझा एजेंडे पर सहमत हो पाएंगे या संसद का बाकी समय भी हंगामे की भेंट चढ़ेगा।
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अमित शाह ने चर्चा का प्रस्ताव देकर गेंद विपक्ष के पाले में डाल दी है, जबकि राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि विपक्ष छात्रों से जुड़े सवालों का सीधा जवाब चाहता है। अब दोनों पक्षों के रुख से ही तय होगा कि संसद में गतिरोध खत्म होता है या नहीं।








