केंद्र सरकार ने ग्रामीण स्थानीय निकायों को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए गोवा और महाराष्ट्र को 15वें वित्त आयोग के तहत 592 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है। यह फंड पंचायत स्तर पर बुनियादी ढांचे और सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
महाराष्ट्र को सबसे ज्यादा फंड का आवंटन
महाराष्ट्र को इस पैकेज का बड़ा हिस्सा मिला है। राज्य में जिला पंचायतों, ब्लॉक पंचायतों और ग्राम पंचायतों के लिए पहले से रोकी गई किस्तों को अब जारी कर दिया गया है।
इसमें वित्त वर्ष 2024-25 की पहली और दूसरी किस्त के साथ-साथ 2023-24 की भी कुछ बकाया राशि शामिल है। इन फंड्स से हजारों ग्राम पंचायतों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आएगी।
गोवा को भी मिली महत्वपूर्ण सहायता
गोवा को भी 15वें वित्त आयोग के तहत अनटाइड ग्रांट की पहली किस्त जारी की गई है। यह राशि राज्य की सभी ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों को कवर करती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा सकेगा।
पंचायतों को मिलेगी खर्च की स्वतंत्रता
अनटाइड ग्रांट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पंचायतें इसे अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार खर्च कर सकती हैं। यह राशि संविधान की 11वीं अनुसूची में शामिल विषयों के तहत विकास कार्यों में उपयोग की जा सकती है।
हालांकि इस फंड का उपयोग वेतन या प्रशासनिक खर्चों के लिए नहीं किया जा सकता।
बुनियादी सेवाओं पर फोकस
टाइड ग्रांट का उपयोग खास तौर पर स्वच्छता और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं पर किया जाएगा। इसके तहत गांवों में कचरा प्रबंधन, शौचालय व्यवस्था, जल संरक्षण और पानी की आपूर्ति से जुड़े प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
केंद्र सरकार की समन्वित पहल
इन फंड्स को जारी करने की प्रक्रिया में पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय की अहम भूमिका रही है, जबकि अंतिम स्वीकृति और राशि जारी करने का काम वित्त मंत्रालय द्वारा किया गया।
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यह वित्तीय सहायता ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे और सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय निकायों को अधिक सशक्त बनाने और गांवों के समग्र विकास को गति देने में मदद मिलेगी।









