देशभर में आज से GST 2.0 की नई व्यवस्था लागू हो गई है। इस नई टैक्स प्रणाली के तहत कई रोजमर्रा की वस्तुएं अब सस्ती हो जाएंगी, जबकि लग्जरी और “सिन गुड्स” की श्रेणी में आने वाले प्रोडक्ट्स की कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिलेगा। इसका सीधा असर आम जनता के बजट पर भी पड़ेगा, लेकिन मिडिल क्लास को राहत देने वाली वस्तुओं पर टैक्स घटाए जाने से कुछ संतुलन बना रहेगा।
प्रधानमंत्री ने किया था राष्ट्र को संबोधित
जीएसटी 2.0 के लागू होने से ठीक एक दिन पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश को संबोधित करते हुए इसे “नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म” करार दिया। उन्होंने कहा कि “कल से जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत होगी, जो हर परिवार, दुकानदार, किसान और कारोबारी को राहत और बचत देगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह नई टैक्स नीति भारत की विकास यात्रा को गति देने वाली साबित होगी।
क्या हुआ सस्ता?
नई जीएसटी दरों में कई दैनिक उपयोग की चीजों पर टैक्स घटाया गया है, जिससे उनकी कीमतों में गिरावट आएगी। इससे मिडिल क्लास और निम्न वर्ग के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि विस्तृत लिस्ट सरकार की ओर से अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन अनुमान है कि घरेलू उपयोग की वस्तुएं, जैसे कुछ किस्म की दवाइयां, खाद्य पदार्थ और घरेलू अप्लायंसेज पर टैक्स में राहत दी गई है।
किन चीजों पर बढ़ा टैक्स?
नई प्रणाली के तहत “सिन गुड्स” और लग्जरी वस्तुओं पर 40% तक जीएसटी लगाया गया है। सरकार का मानना है कि ये वस्तुएं या तो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं या फिर आर्थिक असंतुलन को बढ़ावा देती हैं।

महंगी होने वाली चीजें:
- तंबाकू उत्पाद:
- सिगरेट
- सिगार
- पान मसाला
- गुटखा
- जर्दा व अन्य चबाने वाले तंबाकू
- खाद्य और पेय पदार्थ:
- जंक फूड
- फास्ट फूड
- शुगर ऐडेड कोल्ड ड्रिंक्स
- फ्लेवर्ड ड्रिंक्स
- लग्जरी आइटम्स:
- प्राइवेट जेट
- याट
- हेलीकॉप्टर
- बड़ी कारें (1200cc से ऊपर पेट्रोल, 1500cc से ऊपर डीजल)
- हाई-कैपेसिटी बाइक्स (350cc से ऊपर)
खरीदारी में बरतें सावधानी
22 सितंबर से पहले बनाए गए पैकेज्ड उत्पादों पर नई और पुरानी एमआरपी दोनों दिख सकती हैं। ऐसे में दुकानदार पुरानी कीमत वसूलने की कोशिश कर सकते हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिल को ध्यान से चेक करें और अगर कोई गड़बड़ी लगे, तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन या INGRAM पोर्टल (https://consumerhelpline.gov.in) पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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GST 2.0 को लेकर सरकार का दावा है कि यह सुधार न सिर्फ टैक्स प्रणाली को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि गरीब और मध्यमवर्गीय जनता को राहत भी देगा। हालांकि, लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं के उपभोक्ताओं को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। आने वाले समय में इसका असर बाजार और उपभोक्ताओं की खरीदारी की आदतों पर साफ दिखाई देगा।








