लोकसभा में बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने केंद्र सरकार को कई मोर्चों पर घेरा। उन्होंने मनरेगा, कृषि, रोजगार और शहरी विकास योजनाओं को लेकर बजट आवंटन पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार अपने बड़े वादों को जमीन पर उतारने में नाकाम रही है।
किसान सम्मान निधि बढ़ाने की मांग
शशि थरूर ने किसानों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं कर सकी। ऐसे में कम से कम किसान सम्मान निधि की राशि ही बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले छह साल से यह योजना सालाना 6 हजार रुपये पर ही अटकी हुई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है।
रोजगार और विकास के दावों पर सवाल
थरूर ने शिक्षित युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को गंभीर मुद्दा बताया। उनका कहना था कि देश का विकास सिर्फ नारों और हेडलाइंस से नहीं होता। उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इसकी डेडलाइन बार-बार बढ़ती रही, लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव नजर नहीं आता।
बजट में उड़ान योजना का जिक्र नहीं
कांग्रेस सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि बजट में उड़ान योजना का जिक्र तक नहीं किया गया। उन्होंने इसे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आम लोगों की जरूरतों की अनदेखी बताया।
अमेरिका ट्रेड डील पर चिंता
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भी शशि थरूर ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भारत का अमेरिका के साथ करीब 45 बिलियन डॉलर का ट्रेड सरप्लस है, इसके बावजूद अगले पांच साल में 500 बिलियन डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने की प्रतिबद्धता जताई गई है।
थरूर के मुताबिक, यह लंबी अवधि में भारत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गारंटीड परचेज कमिटमेंट भारत के हित में नहीं है और इस पर वाणिज्य एवं विदेश मंत्री को स्पष्ट टाइमलाइन और जवाब देने चाहिए।
‘विकसित भारत’ पर तंज
शशि थरूर ने शेर के जरिए सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “हमको मालूम है जन्नत की हकीकत, लेकिन दिल बहलाने को ग़ालिब ये खयाल अच्छा है।”
उनका कहना था कि विकसित भारत सिर्फ स्लोगन से नहीं, बल्कि योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी डिलीवरी से बनेगा, और यह सरकार का कर्तव्य है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
इसी बीच संसद में गतिरोध और गहराता नजर आ रहा है। कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंप दिया है। यह नोटिस लोकसभा सचिवालय को दिया गया है।
स्पीकर ने खुद को कार्यवाही से किया अलग
नोटिस सौंपे जाने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने खुद को सदन की कार्यवाही के संचालन से अलग कर लिया। मंगलवार को वह लोकसभा की कार्यवाही के दौरान आसन पर नहीं बैठे। इसे संसद के हालिया इतिहास का असाधारण घटनाक्रम माना जा रहा है।
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संसद में सियासी माहौल गरम
एक तरफ बजट को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, तो दूसरी ओर स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि संसद का गतिरोध कब और कैसे खत्म होता है, और क्या सरकार व विपक्ष के बीच कोई सहमति बन पाती है।









