ग्रामीण विकास और रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB G RAM G अधिनियम, 2025 को लागू करने की घोषणा की है। यह नया कानून 1 जुलाई 2026 से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी होगा।
नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही मनरेगा को समाप्त मान लिया जाएगा और उसकी जगह यह नया ढांचा काम करेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
125 दिनों के रोजगार की गारंटी
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। यह मौजूदा व्यवस्था की तुलना में अधिक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार के अनुसार, जो वयस्क सदस्य अकुशल श्रम कार्य करने के इच्छुक होंगे, उन्हें तय समय सीमा के भीतर काम उपलब्ध कराया जाएगा। यदि समय पर रोजगार नहीं दिया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा।

मजदूरी भुगतान पर विशेष जोर
अधिनियम में मजदूरी भुगतान को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। श्रमिकों को भुगतान सीधे DBT के माध्यम से बैंक या डाकघर खातों में किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। तय समय से देरी होने पर श्रमिकों को मुआवजा भी दिया जाएगा।
रिकॉर्ड बजट आवंटन
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना हेतु ₹95,692 करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया है। इसे ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों के इतिहास में सबसे बड़ा प्रारंभिक आवंटन बताया जा रहा है।
राज्यों के योगदान को मिलाकर इस योजना का कुल संभावित खर्च ₹1.51 लाख करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण अवसंरचना, रोजगार सृजन और आय वृद्धि को नई गति मिलेगी।
मनरेगा से नई व्यवस्था में आसान बदलाव
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों और मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आने दी जाएगी। 30 जून 2026 तक चल रहे सभी कार्य नई व्यवस्था में शामिल कर लिए जाएंगे।
मौजूदा ई-केवाईसी सत्यापित जॉब कार्ड भी तब तक मान्य रहेंगे जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते। जिन लोगों के पास जॉब कार्ड नहीं हैं, वे ग्राम पंचायत स्तर पर आवेदन कर सकेंगे।
कई नए नियमों का मसौदा तैयार
ग्रामीण विकास मंत्रालय विभिन्न नियमों के मसौदे तैयार कर रहा है, जिनमें शिकायत निवारण, प्रशासनिक खर्च, मजदूरी भुगतान, ट्रांजिशन व्यवस्था और राष्ट्रीय संचालन समिति जैसे प्रावधान शामिल हैं।
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सरकार का कहना है कि ग्राम पंचायतों को ग्रामीण विकास के केंद्र में रखकर यह योजना गांवों में रोजगार, आत्मनिर्भरता और स्थायी विकास को बढ़ावा देगी। विशेषज्ञों के मुताबिक यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत साबित हो सकता है।









