केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गन्ना किसानों के हित में अहम निर्णय लेते हुए आगामी चीनी उत्पादन सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल तय कर दिया है। यह फैसला नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में लिया गया।
उत्पादन लागत से काफी अधिक तय किया गया मूल्य
सरकार द्वारा निर्धारित यह मूल्य 10.25% रिकवरी रेट के आधार पर तय किया गया है। जानकारी के अनुसार गन्ने की अनुमानित उत्पादन लागत लगभग ₹182 प्रति क्विंटल है, ऐसे में नया FRP लागत से काफी अधिक है। इससे किसानों को बेहतर मुनाफा मिलने की उम्मीद है।
रिकवरी रेट के आधार पर प्रीमियम और कटौती
नई व्यवस्था के तहत यदि चीनी की रिकवरी दर बढ़ती है तो किसानों को प्रति 0.1% वृद्धि पर ₹3.56 अतिरिक्त मिलेंगे। वहीं, रिकवरी कम होने पर इसी अनुपात में कटौती का प्रावधान भी रखा गया है।
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मिलों की रिकवरी दर 9.5% से कम है, वहां किसानों के भुगतान में कोई कटौती नहीं होगी। ऐसे मामलों में भी किसानों को न्यूनतम ₹338.30 प्रति क्विंटल का मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा।
लाखों किसानों और श्रमिकों को होगा लाभ
देश में चीनी उद्योग एक बड़ा कृषि-आधारित क्षेत्र है, जो करोड़ों गन्ना किसानों और उनके परिवारों की आजीविका का आधार है। इसके अलावा चीनी मिलों और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में लाखों लोगों को रोजगार मिलता है।
सिफारिशों के आधार पर लिया गया फैसला
यह निर्णय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों और राज्यों व अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद लिया गया है।
भुगतान की स्थिति में सुधार
सरकार के अनुसार पिछले सीजन 2024-25 में गन्ना किसानों के बकाये का लगभग पूरा भुगतान किया जा चुका है। वहीं मौजूदा सीजन 2025-26 में भी अधिकांश भुगतान किसानों तक पहुंच चुका है, जिससे क्षेत्र में वित्तीय स्थिति बेहतर हुई है।
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कब से लागू होगा नया मूल्य
नया FRP 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले चीनी उत्पादन सीजन पर लागू होगा। इस फैसले को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









