Income Tax Act 2025: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने सोमवार को घोषणा की कि आयकर विभाग जनवरी तक नए सरलीकृत आयकर अधिनियम, 2025 के तहत आयकर रिटर्न (ITR) फॉर्म और संबंधित नियमों को अधिसूचित कर देगा। नया कानून 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2026-27 से लागू होगा।
ITR को होगा और सरल
अग्रवाल के अनुसार, विभाग का मुख्य लक्ष्य नए कानून के तहत अनुपालन को आसान बनाना है। इसके लिए ITR फॉर्म ऐसे तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें करदाताओं को कम जटिलता और अधिक स्पष्टता मिले।
उन्होंने कहा कि फॉर्म और नियम समय पर जारी किए जाएंगे, ताकि करदाता और संस्थान अपनी प्रणालियों को नए प्रारूप के अनुसार व्यवस्थित कर सकें।
IITF में दिया स्पष्टीकरण
भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) में टैक्सपेयर लाउंज का शुभारंभ करने के बाद अग्रवाल ने बताया कि आयकर कानून में बदलाव के साथ-साथ TDS त्रैमासिक रिटर्न सहित कई मौजूदा फॉर्म भी संशोधित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित आयकर अधिनियम, 2025 का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल और जनता के लिए अधिक समझने योग्य बनाना है।
आयकर कानून होगा पहले से आधा सरल
नए कानून के तहत कई बड़े ढांचागत बदलाव किए गए हैं—
- 1961 के पुराने कानून में मौजूद 819 धाराएँ घटाकर 536 कर दी गई हैं।
- अध्यायों की संख्या 47 से घटाकर 23 कर दी गई है।
- कानून में शब्दों की कुल संख्या 5.12 लाख से घटाकर 2.60 लाख कर दी गई है।
- जटिल प्रावधानों को स्पष्ट करने के लिए 39 नई सारणियाँ और 40 नए सूत्र जोड़े गए हैं।
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कानून की भाषा होगी आधुनिक और स्पष्ट
नए अधिनियम में न तो कोई नई कर दर शामिल है और न ही कर संरचना में बदलाव किया गया है। इसका उद्देश्य केवल कानून की भाषा को सरल बनाना, अनावश्यक प्रावधानों को हटाना और करदाताओं की समझ को आसान बनाना है, ताकि अनुपालन का बोझ कम हो।







