आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR-5 की एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दी है। अब पात्र करदाता इसे आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल से डाउनलोड कर अपना इनकम टैक्स रिटर्न तैयार कर सकते हैं। विभाग ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से साझा करते हुए बताया कि एक्सेल यूटिलिटी अब आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।
यह कदम उन संस्थाओं और संगठनों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें ITR-5 के माध्यम से अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना होता है।
ITR-5 एक्सेल यूटिलिटी क्यों है महत्वपूर्ण?
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में एक्सेल यूटिलिटी अहम भूमिका निभाती है। इसके जरिए करदाता अपनी आय, टैक्स देनदारी और अन्य वित्तीय जानकारियां निर्धारित प्रारूप में भर सकते हैं। इसके बाद तैयार फाइल को ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर रिटर्न जमा किया जाता है।
इस यूटिलिटी के जारी होने के बाद पात्र संस्थाओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।
किन संस्थाओं को भरना होता है ITR-5?
ITR-5 व्यक्तिगत करदाताओं या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए नहीं है। यह विशेष रूप से विभिन्न प्रकार की संस्थाओं और गैर-व्यक्तिगत करदाताओं के लिए निर्धारित किया गया है।
इस फॉर्म का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित संस्थाएं करती हैं:
- पार्टनरशिप फर्म
- लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (LLP)
- एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP)
- बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI)
- आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन (AJP)
- स्थानीय निकाय
- सहकारी समितियां
- सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट या संबंधित राज्य कानूनों के तहत पंजीकृत सोसाइटियां
- ऐसे ट्रस्ट जिन्हें ITR-7 दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होती
- मृतक या दिवालिया व्यक्ति की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली इकाइयां
- प्रतिनिधि असेसी
- बिजनेस ट्रस्ट और पात्र इन्वेस्टमेंट फंड
किन लोगों के लिए नहीं है यह फॉर्म?
आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, व्यक्तिगत करदाता (Individual), हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और कंपनियां ITR-5 का उपयोग नहीं कर सकतीं। इनके लिए अलग-अलग ITR फॉर्म निर्धारित किए गए हैं।
इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपकी श्रेणी के अनुसार सही ITR फॉर्म का चयन किया गया हो।
चरणबद्ध तरीके से जारी हो रही हैं ITR सुविधाएं
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आयकर विभाग लगातार विभिन्न ITR फॉर्म की ई-फाइलिंग सुविधाएं और एक्सेल यूटिलिटी उपलब्ध करा रहा है।
अब तक विभाग ने:
- 15 मई को ITR-1 और ITR-4 की एक्सेल यूटिलिटी जारी की।
- 27 मई को ITR-2 की ऑनलाइन फाइलिंग शुरू की।
- 19 जून को ITR-3 की ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी उपलब्ध कराई।
- अब ITR-5 की एक्सेल यूटिलिटी भी डाउनलोड के लिए जारी कर दी गई है।
रिटर्न दाखिल करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
ITR-5 भरने वाली संस्थाओं को सलाह दी जाती है कि वे रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी वित्तीय दस्तावेज, खातों का मिलान और आवश्यक कर संबंधी विवरण अच्छी तरह जांच लें। सही जानकारी के साथ रिटर्न दाखिल करने से बाद में नोटिस या संशोधन जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
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आयकर विभाग की ओर से चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही ई-फाइलिंग सुविधाओं का उद्देश्य करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।







