ग्रामीण शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने झारखंड को बड़ी वित्तीय सहायता दी है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्य को 275.1253 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की गई है। यह राशि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अप्रतिबंधित अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में दी गई है।
इस फंड का लाभ राज्य की सभी पात्र 24 जिला पंचायतों, 253 ब्लॉक पंचायतों और 4,342 ग्राम पंचायतों को मिलेगा। इससे ग्रामीण विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
किन मंत्रालयों के माध्यम से जारी होता है अनुदान?
राज्यों को यह अनुदान पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) की सिफारिश पर दिया जाता है। अंतिम स्वीकृति और राशि जारी करने की प्रक्रिया वित्त मंत्रालय द्वारा पूरी की जाती है।
अनुदान आमतौर पर एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किया जाता है, ताकि पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतरता बनी रहे।
15वें वित्त आयोग की सिफारिशों का उद्देश्य
पंद्रहवां वित्त आयोग का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना और ग्रामीण शासन प्रणाली को मजबूती देना है।
अप्रतिबंधित (Untied) अनुदान का उपयोग पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार कर सकती हैं। हालांकि, इस राशि का उपयोग वेतन या प्रशासनिक स्थापना व्यय पर नहीं किया जा सकता।
यह धनराशि संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में वर्णित 29 विषयों—जैसे कृषि, ग्रामीण आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण—से जुड़े कार्यों में खर्च की जा सकती है।
बद्ध (Tied) अनुदान का उपयोग कहां होगा?
बद्ध अनुदान विशेष उद्देश्यों के लिए निर्धारित होता है, जिनमें शामिल हैं:
- स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना
- खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति को बनाए रखना
- ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन
- मानव मल एवं फीकल स्लज प्रबंधन
- पेयजल आपूर्ति योजनाएं
- वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण
इन क्षेत्रों में निवेश से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने और बुनियादी सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण विकास को मिलेगी रफ्तार
275 करोड़ रुपये से अधिक की यह राशि झारखंड की पंचायतों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे गांव स्तर पर बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और पेयजल सुविधाओं में सुधार संभव होगा।
यह भी पढ़ें: UPSSSC Lekhpal PET Result: UP लेखपाल का परिणाम जारी, ऐसे करें चेक
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन अनुदानों का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग किया गया, तो राज्य में ग्रामीण प्रशासन और स्थानीय स्वशासन को नई मजबूती मिलेगी।








