मंडी से बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। अदालत ने बठिंडा निवासी मोहिंदर कौर द्वारा दायर मानहानि शिकायत को रद्द करने की कंगना की याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब 2021 से लंबित ट्रायल की कार्यवाही दोबारा शुरू की जाएगी।
किसान आंदोलन से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला 2020-21 के दौरान हुए किसान आंदोलन से जुड़ा है। उस वक्त कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने बठिंडा की रहने वाली मोहिंदर कौर की तस्वीर को साझा करते हुए यह दावा किया था कि इन महिलाओं को पैसे देकर आंदोलन में शामिल किया गया है।
कंगना की इस टिप्पणी से लोगों में नाराज़गी फैल गई और मोहिंदर कौर ने जनवरी 2021 में बठिंडा की अदालत में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया। शिकायत में कहा गया कि इस बयान से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है और वे सार्वजनिक रूप से अपमानित हुई हैं।

हाईकोर्ट में याचिका, पर राहत नहीं
कंगना ने इस मानहानि मामले को खारिज करवाने के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने अपनी याचिका में यह दलील दी कि उनकी टिप्पणी एक सामान्य राजनीतिक प्रतिक्रिया थी, जिसका उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति को अपमानित करना नहीं था। लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी इस दलील को खारिज करते हुए मामला रद्द करने से इनकार कर दिया।
आगे क्या?
हाईकोर्ट के इस फैसले का विस्तृत आदेश अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए अदालत द्वारा याचिका खारिज किए जाने के पीछे के तर्क स्पष्ट नहीं हैं। लेकिन इतना तय है कि अब निचली अदालत में यह मामला एक बार फिर से सक्रिय हो जाएगा और ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
राजनीतिक और कानूनी असर
कंगना रनौत के लिए यह फैसला एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब वे हाल ही में मंडी लोकसभा सीट से जीतकर संसद पहुंची हैं। राजनीतिक रूप से सक्रिय होने के बाद यह मामला उनके लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आया है।
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अब देखना होगा कि कंगना अगली कानूनी रणनीति क्या अपनाती हैं और ट्रायल में उनके पक्ष में क्या दलीलें रखी जाती हैं। वहीं, मोहिंदर कौर और उनके वकीलों ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि उन्हें अब न्याय की उम्मीद है।








