देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इमारतों में से एक संसद भवन की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शुक्रवार सुबह एक व्यक्ति संसद भवन की दीवार फांदकर परिसर के अंदर घुस गया और सीधे नई संसद भवन के गरुड़ द्वार तक पहुंच गया। हालांकि, वहां तैनात सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
सुबह 6:30 बजे की घटना, पेड़ के सहारे चढ़ा दीवार पर
सूत्रों के अनुसार यह घटना सुबह करीब 6:30 बजे की है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति रेल भवन की ओर से आया था और पेड़ का सहारा लेकर संसद भवन की दीवार पर चढ़ गया। इसके बाद वह अंदर कूदकर सीधे नई संसद भवन के गरुड़ द्वार तक पहुंच गया। वहां उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखकर तैनात CISF कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई कर उसे काबू में लिया।
मानसून सत्र खत्म होने के एक दिन बाद की घटना
यह सुरक्षा चूक ऐसे समय में हुई है जब संसद का मानसून सत्र ठीक एक दिन पहले ही समाप्त हुआ था। हालांकि घटना के समय कोई संसद सत्र नहीं चल रहा था, लेकिन जिस तरह से एक आम व्यक्ति इतने कड़े सुरक्षा घेरे को पार कर संसद भवन तक पहुंच गया, वह चिंता का विषय है।

पिछले मामलों की याद दिलाता है यह मामला
यह पहली बार नहीं है जब संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगी है। वर्ष 2023 में संसद हमले की बरसी पर हुई सुरक्षा चूक अभी भी लोगों के जेहन में ताजा है, जब दो युवकों ने दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूदकर पीले धुएं के गुब्बारे फोड़े थे। इस घटना में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें ललित झा को मास्टरमाइंड माना गया था।
इसी तरह 2024 में भी एक 20 वर्षीय युवक संसद एनेक्सी में बिना अनुमति घुस गया था। वह शॉर्ट्स और टी-शर्ट में था, जिसे CISF ने हिरासत में लिया था। हालांकि, उस वक्त भी उसके पास से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी।
जांच शुरू, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की संभावना
ताजा मामले को लेकर दिल्ली पुलिस और संसद सुरक्षा अधिकारी गंभीरता से जांच में जुट गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही है, लेकिन इस विषय पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि व्यक्ति का इरादा क्या था और क्या इसके पीछे कोई संगठित योजना थी।
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इस घटना ने संसद परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता को फिर से उजागर कर दिया है। उम्मीद की जा रही है कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस पर गंभीरता से विचार करेंगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाएंगी।









