संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत के साथ ही राजनीति के गलियारों में गर्मा-गर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद रेणुका चौधरी सोमवार को अपने पालतू कुत्ते के साथ संसद परिसर पहुंचीं, जिसके बाद मामला अचानक चर्चा का विषय बन गया। उनका वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया तेज हो गई और भाजपा ने इसे संसद की गरिमा के विपरीत बताया।
रेणुका चौधरी का जवाब—“काटने वाले तो अंदर और लोग हैं”
जब मीडिया ने इस कदम पर उनसे सवाल किया, तो चौधरी ने साफ कहा कि इसे बेवजह विवाद का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “इसमें दिक्कत क्या है? एक छोटा-सा, मासूम जानवर अंदर आ गया तो कौन-सी बड़ी समस्या हो गई? काटने वाला तो यह है नहीं… काटने वाले तो और लोग बैठे हैं संसद में।” उनका यह तंज सामने आते ही मामला और गरमा गया।
पीएम मोदी के बयान पर भी साधा निशाना
रेणुका चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष को दिए गए बयान का भी जवाब दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार गंभीर चर्चा चाहती थी, तो सत्र को तय अवधि से घटाकर मात्र पंद्रह दिन क्यों किया गया? चौधरी ने कहा, “आप इतना क्यों घबरा रहे हैं कि हम सदन में क्या मुद्दे उठाएंगे? क्या कम विषय थे कि सत्र छोटा कर दिया गया?”
बीजेपी का पलटवार—“संसद की मर्यादा का उल्लंघन”
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने रेणुका चौधरी के इस व्यवहार को ‘विशेषाधिकार का दुरुपयोग’ बताया। उन्होंने कहा कि संसद नीतियों और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा का स्थान है, न कि व्यक्तिगत दिखावे का मंच।
पाल ने कठोर शब्दों में कहा, “सांसद का अपने पेट डॉग के साथ सदन पहुंचना और फिर उस पर हल्की टिप्पणियां करना संसद की गरिमा के खिलाफ है। यह लोकतंत्र का अपमान है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।”
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शीतकालीन सत्र की शुरुआत जिस विवाद के साथ हुई है, वह आने वाले दिनों में सत्ता और विपक्ष के टकराव को और बढ़ा सकता है। अब देखना होगा कि इस पूरे प्रकरण पर संसद की क्या प्रतिक्रिया होती है और क्या चौधरी के खिलाफ कोई औपचारिक कदम उठाया जाता है।









