दिसंबर का महीना टैक्सपेयर्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। इस महीने इनकम टैक्स से जुड़े कई जरूरी काम पूरे करने की अंतिम तिथियां तय हैं। देर से रिटर्न दाखिल करने से लेकर TDS, TCS और एडवांस टैक्स जमा करने तक—कई प्रक्रियाएं ऐसी हैं जिन्हें दिसंबर खत्म होने से पहले निपटाना जरूरी है। किसी भी देरी से न केवल जुर्माना लग सकता है बल्कि टैक्सपेयर्स को नोटिस भी मिल सकती है।
यहां जानते हैं दिसंबर 2025 में आने वाली प्रमुख टैक्स डेडलाइनों की पूरी जानकारी—
10 दिसंबर: ऑडिट वाले खातों की ITR फाइलिंग का अंतिम मौका
सीबीडीटी (CBDT) ने ऑडिट कराए जाने वाले खातों के लिए ITR दाखिल करने की समयसीमा 31 अक्टूबर 2025 से बढ़ाकर 10 दिसंबर 2025 कर दी है। इस दिन तक रिटर्न दाखिल करने पर इसे समय पर जमा माना जाएगा और लेट फीस नहीं लगेगी।
लेकिन इस तारीख के बाद ITR भरने पर धारा 234F के तहत 1,000 से 5,000 रुपये तक की लेट फीस देनी होगी, जो आय और फाइलिंग डेट पर निर्भर करेगी।
15 दिसंबर: एडवांस टैक्स की तीसरी किस्त और कई TDS कार्य
15 दिसंबर तक टैक्सपेयर्स और संस्थानों को कई जरूरी कार्य पूरे करने होंगे—
- नवंबर 2025 में प्राप्त Form 27C को अपलोड करना।
- सरकारी कार्यालयों द्वारा बिना चालान के किए गए TDS/TCS जमा करने के लिए Form 24G फाइल करना।
- असेसमेंट ईयर 2026–27 के लिए एडवांस टैक्स की तीसरी किस्त जमा करना।
- अक्टूबर माह में सेक्शन 194-IA, 194-IB, 194M और 194S के तहत कटे टैक्स के TDS सर्टिफिकेट जारी करना।
- स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा नवंबर के क्लाइंट कोड मॉडिफिकेशन के लिए Form 3BB जमा करना।
30 दिसंबर: TDS से जुड़े महत्वपूर्ण अनुपालन
30 दिसंबर तक कई महत्वपूर्ण रिटर्न और स्टेटमेंट फाइल करने की अंतिम तिथि है—
- मान्यता प्राप्त संस्थाओं को नवंबर महीने के क्लाइंट कोड मॉडिफिकेशन स्टेटमेंट जमा करना होगा।
- टैक्सपेयर्स को नवंबर में काटे गए TDS का TDS चालान-कम-स्टेटमेंट जमा करना अनिवार्य है।
- अंतरराष्ट्रीय समूहों की रेसिडेंट एंटिटी या विदेशी कंपनी की संरचना में आने वालों को Form 3CEAD जमा करना होगा।
31 दिसंबर: रिवाइज्ड ITR की अंतिम तिथि
31 दिसंबर 2025 असेसमेंट ईयर 2025–26 के लिए बिलेटेड (देरी से) और संशोधित (रिवाइज्ड) ITR दाखिल करने का आखिरी मौका है।
जिन टैक्सपेयर्स ने जुलाई–सितंबर की डेडलाइन मिस कर दी थी, वे इसी तारीख तक अपना ITR जमा कर सकते हैं।
दिसंबर क्यों महत्वपूर्ण है?
ITR से लेकर TDS और एडवांस टैक्स तक, इस महीने कई बड़े टैक्स अनुपालन पूरे करने होते हैं। किसी भी गलती या देरी का नतीजा हो सकता है—
- लेट फीस
- नोटिस
- प्रोसेसिंग में देरी
- अतिरिक्त ब्याज
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