देश में बेटियों को आत्मनिर्भर और हुनरमंद बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और ठोस कदम उठाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की संयुक्त पहल पर ‘नव्या योजना’ की शुरुआत की गई है। यह योजना विशेष रूप से 16 से 18 वर्ष की आयु की उन लड़कियों के लिए लाई गई है, जिन्होंने कम से कम 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की है।
सोनभद्र से हुई शुरुआत
इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत 24 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से की गई। वर्तमान में यह योजना देश के 9 राज्यों के 27 चुनिंदा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई है। इन जिलों का चयन सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से पिछड़ेपन के आधार पर किया गया है, जहां बालिकाओं को विशेष सहयोग की आवश्यकता महसूस की गई।
प्रोफेशनल ट्रेनिंग से आत्मनिर्भरता की ओर
नव्या योजना के तहत किशोरियों को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि उन्हें रोजगार के अनुकूल व्यावसायिक और व्यवहारिक कौशल भी सिखाए जाएंगे। ट्रेनिंग में निम्नलिखित क्षेत्रों को शामिल किया गया है:
- ग्राफिक डिजाइनिंग
- प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट
- स्मार्टफोन तकनीशियन
- सोलर पैनल इंस्टॉलेशन
- ड्रोन असेंबलिंग
- मोबाइल रिपेयरिंग
- सीसीटीवी इंस्टॉलेशन
सात घंटे का विशेष ट्रेनिंग मॉड्यूल
योजना के अंतर्गत एक 7 घंटे का विशेष मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसमें तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ कम्युनिकेशन स्किल्स, वित्तीय समझ, और वर्कप्लेस पर आचरण जैसी व्यावहारिक जानकारियां दी जाएंगी। इससे लड़कियों को न केवल नौकरी पाने में मदद मिलेगी, बल्कि वे खुद का कोई छोटा व्यवसाय भी शुरू कर सकेंगी।

विकसित भारत 2024 विजन का हिस्सा
यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2024’ के विजन का एक अहम हिस्सा है, जिसमें देश की बेटियों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की कोशिश की जा रही है।
अभी आवेदन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं
हालांकि, फिलहाल नव्या योजना में आवेदन प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इसकी आधिकारिक वेबसाइट या पोर्टल के जरिए पात्र बालिकाओं को आवेदन की सुविधा दी जाएगी।
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नव्या योजना देश की लाखों लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे पूरे देश में लागू किए जाने की संभावना है, जिससे और अधिक बेटियों को लाभ मिल सकेगा।









