NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच अब सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार (24 जुलाई) को हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े इस गंभीर मामले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने केंद्र सरकार से उठाए जा रहे सुधारात्मक कदमों का विस्तृत ब्यौरा मांगा और अगली सुनवाई 3 अगस्त तय की है।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। अदालत ने संकेत दिया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करना समय की मांग है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह अब तक उठाए गए कदमों और भविष्य की कार्ययोजना को विस्तार से पेश करे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
केंद्र ने सुधारों का दिया भरोसा
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन सरकार केवल उन्हीं तक सीमित नहीं रहेगी। परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों के लिए अतिरिक्त उपाय भी किए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने अदालत से एक सप्ताह का समय भी मांगा।
कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि यदि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) भविष्य में NEET-UG को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के रूप में आयोजित करने की योजना पर आगे बढ़ती है, तो साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
अदालत ने कहा कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली तभी प्रभावी होगी, जब उम्मीदवारों के डेटा और परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तकनीकी ढांचा तैयार किया जाए।
सरकार की कार्रवाई पर रहेगी अदालत की नजर
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले में सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों की निगरानी करेगी। अदालत ने केंद्र से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी, जिसमें परीक्षा सुधारों और सुरक्षा उपायों पर आगे चर्चा की जाएगी।
यह भी पढ़ें: दिल्ली यूनिवर्सिटी और जेएनयू की छात्रों को सलाह, जंतर-मंतर से रहें दूर; राहुल गांधी ने जताया विरोध
क्यों अहम है यह मामला?
हाल के महीनों में NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। परीक्षा की निष्पक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही यह सुनवाई भविष्य की राष्ट्रीय परीक्षाओं के स्वरूप और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है।








