NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। आंदोलन की ओर से दावा किया गया है कि सरकार ने कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति का संकेत दिया है, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर निर्णय के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया है।
CJP का दावा- इस्तीफे पर कल तक मिलेगा जवाब
सरकार के साथ बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने अगले दिन दोपहर तक का समय मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस विषय पर जल्द निर्णय लेगी।
रांका के अनुसार, बैठक में उन परिवारों को मुआवजा देने के मुद्दे पर भी सकारात्मक रुख सामने आया, जिनके परिजनों की कथित तौर पर NEET विवाद से जुड़े घटनाक्रम के दौरान मृत्यु हुई। इसके अलावा प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने के प्रस्ताव पर भी सरकार ने सिद्धांततः सहमति जताई है। हालांकि इन बिंदुओं पर अंतिम आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
आंदोलन के बाद बातचीत का नया दौर
सोनम वांगचुक द्वारा अपनी भूख हड़ताल समाप्त किए जाने के बाद आंदोलन का फोकस अब सरकार के साथ वार्ता पर आ गया है। CJP का कहना है कि 20 जुलाई को हुए “चलो संसद” मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज और उससे जुड़े मामलों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
संगठन ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने का मुद्दा सरकार के सामने प्रमुखता से उठाया गया है।
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी आंदोलनकारियों के साथ हुई बैठक की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच करीब दो घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई।
नड्डा के अनुसार, आंदोलनकारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पांच सुझाव भी सरकार के सामने प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि सरकार इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है और अगले दिन दोपहर होने वाली अगली बैठक में अपना विस्तृत पक्ष रखेगी।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
बैठक में मुख्य रूप से इन विषयों पर चर्चा हुई:
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- छात्रों पर दर्ज एफआईआर और कानूनी मामलों की समीक्षा।
- प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे का मुद्दा।
- परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के सुझाव।
- प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर उठी शिकायतें।
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अब सबकी नजर अगली बैठक पर
सरकार द्वारा अगले दिन दोपहर तक जवाब देने की बात कहे जाने के बाद अब आंदोलनकारी और छात्र समुदाय अगली बैठक का इंतजार कर रहे हैं। यदि प्रमुख मांगों पर सहमति बनती है तो लंबे समय से जारी आंदोलन में महत्वपूर्ण मोड़ आ सकता है। वहीं यदि वार्ता किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचती, तो आंदोलन की अगली रणनीति भी सामने आ सकती है।








